- प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा- मौजूदा लोकसभा सीटों पर भी लागू हो सकता है 33 प्रतिशत आरक्षण, विपक्ष ने पहले से उठाई थी मांग नई दिल्ली,(ईएमएस)। देश में महिला सशक्तिकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण अधिनियम-2023 को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में जारी अधिसूचना के बाद अब राजनीतिक गलियारों में बहस भी तेज हो गई है। संसद का विशेष सत्र आहुत कर केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों को संसद में पेश किए जाने के बीच विपक्ष ने इसके क्रियान्वयन और परिसीमन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि राष्ट्रपति की अधिसूचना के अनुसार महिला आरक्षण को मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर भी लागू किया जा सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि यदि लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और आरक्षण लागू करने से जुड़ा संवैधानिक संशोधन विधेयक संसद में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर पाता, तब भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता बंद नहीं होगा। यह व्यवस्था मौजूदा सीटों पर ही लागू की जा सकती है। चतुर्वेदी ने कहा कि संसद में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना केवल सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे देश की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष लंबे समय से इस मांग को उठाता रहा है और अब इसे लागू करने का अवसर है। महिलाओं के प्रति संसद की सामूहिक प्रतिबद्धता उन्होंने वर्ष 2023 में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कानून देश की महिलाओं के प्रति संसद की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उस समय यह संकल्प लिया गया था कि 2029 तक महिलाओं को पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। हिदायत/ईएमएस 17अप्रैल26