क्षेत्रीय
19-Apr-2026


बिलासपुर (ईएमएस)। बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट के 4सी श्रेणी में उन्नयन को लेकर राज्य सरकार की धीमी रफ्तार पर अब सवाल तेज हो गए हैं। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति के प्रमुख सदस्य और हाईकोर्ट अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने कहा कि लगातार वादों के बावजूद अब तक 4सी अपग्रेड से जुड़ा कोई भी काम स्वीकृत नहीं हुआ है, जबकि पहले से स्वीकृत परियोजनाएं भी एक साल से लंबित हैं। सुदीप श्रीवास्तव के अनुसार, एयरपोर्ट के मौजूदा रनवे की री-कारपेटिंग के लिए 12 करोड़ रुपये और लगभग 400 एकड़ जमीन पर बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए 6 करोड़ रुपये पिछले वर्ष ही स्वीकृत हो चुके हैं, लेकिन दोनों काम अब तक शुरू नहीं हुए। उन्होंने कहा कि यह स्थिति परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट विस्तार के लिए रक्षा मंत्रालय के कब्जे वाली 290 एकड़ जमीन का विधिवत हस्तांतरण करीब दो सप्ताह पहले हो चुका है, लेकिन अभी तक सीमांकन की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई। प्रस्ताव के अनुसार, रनवे की लंबाई को मौजूदा लगभग 1500 मीटर से बढ़ाकर पहले 2200 मीटर और बाद में 2885 मीटर तक किया जाना है, ताकि बड़े विमान—जैसे बोइंग और एयरबस—यहां उतर सकें। संघर्ष समिति का कहना है कि इस पूरे प्रोजेक्ट के तहत नए टर्मिनल भवन और एटीसी टावर का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिसकी कुल अनुमानित लागत करीब 500 करोड़ रुपये है। समिति ने तर्क दिया कि राज्य के लगभग 1 लाख 76 हजार करोड़ रुपये के बजट के मुकाबले यह राशि बहुत कम है, इसके बावजूद स्वीकृति और क्रियान्वयन में रुचि नहीं दिखाई दे रही। सुदीप श्रीवास्तव ने कहा कि मौजूदा स्थिति यह संकेत देती है कि प्रशासनिक स्तर पर बिलासपुर एयरपोर्ट के तेज विकास को प्राथमिकता नहीं मिल रही है। उन्होंने मांग की कि 4ष्ट श्रेणी में उन्नयन के लिए एक स्पष्ट और समयबद्ध कार्ययोजना घोषित की जाए और सभी लंबित कार्यों को तत्काल गति दी जाए। इधर, इन मांगों को लेकर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का महाधरना लगातार जारी है। धरने में सर्वश्री रवि बनर्जी, बद्री यादव, अनिल गुलहरे, विभूति भूषण गौतम, ऋषि राज सिंह गौतम, शिरीष कश्यप, संतोष पीपलवा, केशव गोरख, देवेंद्र सिंह ठाकुर, महेश दुबे, टाटा अमर बजाज, प्रतीक तिवारी, प्रकाश बहरानी, साबर अली, मोहसिन अली और सुदीप श्रीवास्तव सहित कई सदस्य शामिल रहे। समिति ने स्पष्ट किया है कि ठोस कार्रवाई तक आंदोलन जारी रहेगा। मनोज राज 19 अप्रैल 2026