गुना (ईएमएस) । कैंट क्षेत्र में हुए सनसनीखेज हत्या प्रकरण में जिला अदालत ने सख्त फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। महज पांच माह में ट्रायल पूरा करते हुए अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया कि राजनीतिक बहस के नाम पर की गई हिंसा को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में दोनों दोषियों पर एक-एक हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह घटना 16 नवंबर की रात की है, जब बिहार के शिवहर जिले के रहने वाले तीन युवक गुना में मजदूरी कर रहे थे। राजेश मांझी, तूफानी मांझी और उनका भांजा शंकर पुलिस लाइन में निर्माणाधीन क्वार्टर्स में काम करते थे। घटना वाली रात तीनों ने साथ में खाना खाने के बाद शराब पी, इसी दौरान बिहार चुनाव को लेकर बातचीत शुरू हुई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। बताया गया कि राजेश और तूफानी जहां एक राजनीतिक दल के समर्थक थे, वहीं शंकर दूसरे दल के पक्ष में था। नेताओं को लेकर हुई तीखी बहस के बाद दोनों आरोपियों ने शंकर के साथ मारपीट शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ गया कि उन्होंने उसे पास ही कीचड़ में गिराकर उसका मुंह दबा दिया, जिससे सांस रुकने और कीचड़-पानी अंदर जाने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मामले की जांच पुलिस ने तेजी से की और अगले ही दिन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान एक अहम सबूत सामने आया, जब आरोपियों के नाखूनों में फंसी त्वचा का डीएनए परीक्षण कराया गया, जो मृतक से मेल खा गया। हालांकि सुनवाई के दौरान कई गवाह अपने बयानों से मुकर गए, लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्य ने पूरे मामले को मजबूत बना दिया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमिताभ मिश्र की अदालत में 24 जनवरी से सुनवाई शुरू हुई थी, जिसे महज पांच महीने में पूरा कर लिया गया। 18 अप्रैल को सुनाए गए फैसले में अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।-सीताराम नाटानी