- सेना के जवानो-मुसाफिरो को नकली नोटो की गड्डी दिखाकर करते थे मोबाइल,एटीएम कार्ड चोरी - फिर एटीएम से निकाल लेते रकम, भोपाल जीआरपी ने दबोचा, - निजी गाड़ियो से दिल्ली से आकर करते थे अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर वारदात - देश के कई शहरो में की है चोरी की वारदातें, 9 लाख का माल बरामद भोपाल(ईएमएस)। जीआरपी भोपाल की टीम ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दिल्ली के एक ऐसे शतिर गिरोह को गिरफ्तार किया है, जो नकली नोट की गड्डी दिखाकर रनिंग ट्रैनो और प्लेटफार्म पर लोगो को अपने झांसे में लेकर चोरी की वारदातो को अंजाम देता था। गिरफ्त में आई टप्पेबाज गैंग मुसाफिरो के साथ ही मुख्य रुप से आर्मी जवानों को अपना निशाना बनाती थी। दबोचे गये आधा दर्जन आरोपी दिल्ली के रहने वाले है। गिरोह में शामिल दो आरोपियो ने देश के कई शहरो में वारदातो को अंजाम दिया है, बदमाशो के पास से पुलिस ने 9 लाख का माल बरामद किया है। - आर्मी जवान को भोपाल स्टेशन पर निशना बनाना पड़ा भारी थाना प्रभारी निरी. जहीर खॉन से मिली जानकारी के अनुसार बीती 17 अप्रैल को फरियादी अमर सिंह पिता दयाराम निवासी बिशारतगंज बरेली हाल पता- थ्री ईएमई सेंटर लालघाटी ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया की वह सेना में पदस्थ है। 16 अप्रैल को वह उद्योग नगरी एक्सप्रेस ट्रैन से भोपाल से पुणे जाने के लिये भोपाल रेल्वे स्टेशन पहुचां था। ट्रेन आने से कुछ समय पहले स्टेशन पर भीड़-भाड़ के बीच अज्ञात बदमाश ने उनका मोबाइल चोरी कर लिया और मोबाइल से एटीएम के जरिये से रकम निकाल ली। जीआरपी ने अज्ञात के खिलाफ मामला कायम कर जॉच शुरु की। - सीसीटीवी में जवान को घेरकर खड़े नजर आये संदेही रेल एसपी भोपाल राहुल कुमार लोढा ने आरोपियो की धरपकड़ के लिये टीआई जहीर खान के नेतृत्व में टीम गठित की। छानबीन के दौरान टीम ने जब घटना के समय के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो उसमें वारदात को अंजाम देने वाले संदेही युवक फरियादी जवान को घेर कर खड़े हुए नजर आये। फुटेज के आधार पर टीम ने उनकी तलाश शुरु की आखिरकार बीते दिन सभी संदेहियो के एक बार फिर भोपाल रेल्वे स्टेशन पर नजर आने पर घेराबंदी कर उन्हें दबोचा गया। - दिल्ली के रहने वाले है सभी अरोपी पूछताछ में आरोपियो की पहचान जोगिंदर पिता कृष्ण अवतार, दिलशाद पिता सोहेल, अरशद पिता असगर अली, सुमित उर्फ धीरज पिता राजीव लाल, अनवर पिता इसराइल और अमतुल्लाह पिता अब्दुल सलाम सभी निवासी जेजे कॉलोनी बवाना दिल्ली के रुप में हुई। - इस तरह करते थे वारदातें, इंदौर की घटना का भी हुआ राजफाश गिरोह में शामिल आरोपियो ने खुलाया कि वह सभी निजी गाड़ियो से दिल्ली से आकर भीड़भाड़ वाले अलग-अलग स्टेशनों पर जाकर सफर कर रहे सेना के जवानों और आसान टारगेट नजर आने वाले यात्रियों को अपनी बातों में उलझाते थे। योजना के मुताबिक गैंग के कुछ आरोपी नकली नोटों की कागज की बनी हुई गड्डी रूमाल में रख कर उसे दिखाते हुए उन्हें अपने भरोसे में फांस लेते। इसके बाद मौका पाकर गिरोह के अन्य बदमाश जाल मे फंसे व्यक्ति का मोबाइल-एटीएम कार्ड चोरी कर एटीएम मशीन से नगद रकम निकाल लेते थे। आरोपियो ने इसी तरह इंदौर में भी मोबाइल चोरी के बाद डेढ़ लाख की चोरी की घटना करना स्वीकार किया है। - 9 लाख का माल बरामद, देश के कई शहरो में की है वारदातें आर्थिक तंगी और नशे की लत के कारण करने लगे चोरियां जीआरपी ने गिरोह के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किये गये वाहन, दो मामलो ने चोरी की गई नगदी, मोबाइल, नकली कागज के नोटों की गड्डीया सहित करीब 9 लाख रुपये का माल जप्त किया गया है। पुलिस ने बताया की गैंग के सदस्य दिल्ली, मथुरा एवं अन्य थानों में गिरफ्तार हो चुके है। गिरोह में शामिल अरशद के खिलाफ थाना लिंक रोड गाज़ियाबाद, मथुरा जीआरपी और थाना राजौरी गार्डन दिल्ली में पूर्व से अपराधिक मामले दर्ज है, वहीं आरोपी सुमित उर्फ धीरज के खिलाफ थाना इंदिरा गांधी एयरपोर्ट दिल्ली और राजा गार्डन मेट्रो स्टेशन दिल्ली में अपराधिक प्रकरण दर्ज है। आरोपी इन थानो में गिरफ्तार हो चुके है। पूछताछ में आरोपियो ने बताया की वह आर्थिक तंगी और नशे की लत के आदी होने के कारण इस तरह की वारदातो को अंजाम देने लगे थे। - इस टीम ने दबोचा दिल्ली की टप्पेबाज गैंग को दिल्ली की गैंग को पकड़ने में निरी. जहीर खान, उनि. मिथलेश भारद्वाज, प्रआर राजेश शर्मा, अनिल सिंह, आर सचिन जाट, ब्रजेश कारपेंटर मनोज राठौर की सराहनीय भूमिका रही। जुनेद / 20 अप्रैल