राष्ट्रीय
21-Apr-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। लंबी हवाई यात्रा को अधिक सुखद बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने एक अभिनव पहल प्रारंभ की है। विभाग ने इन-फ्लाइट योग नामक एक 5 मिनट का सरल और प्रभावी योग रूटीन तैयार किया है। यह पहल विमान यात्रा को स्वास्थ्य और कल्याण से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आयुष मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत यह इन-फ्लाइट योग रूटीन विशेष रूप से इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यात्री अपनी सीट पर आराम से रहते हुए कुछ हल्की-फुल्की कसरत और श्वास अभ्यास कर सकें। इन अभ्यासों में ऐसे योग शामिल हैं जो रक्त संचार को बेहतर बनाने, मांसपेशियों में खिंचाव लाने और शरीर में तनाव को कम करने में मदद करते हैं। लंबी उड़ान के दौरान होने वाली असुविधाएं, जैसे पैरों में सूजन, गर्दन और कंधों में अकड़न, और थकान, इन अभ्यासों से काफी हद तक घटती हैं। मंत्रालय का मानना है कि इन आसान योग अभ्यासों से लंबी उड़ानों को न केवल आरामदायक बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भी बनाया जा सकता है, खासकर उन यात्रियों के लिए जो अक्सर हवाई यात्रा करते हैं और शारीरिक निष्क्रियता के कारण होने वाली समस्याओं से जूझते हैं। इसी कड़ी में, आयुष मंत्रालय ने कई योगासनों और श्वास अभ्यासों को फ्लाइट में करने की सलाह दी है। हाल ही में, मंत्रालय ने खासतौर पर शीतली प्राणायाम की सिफारिश की है। यह एक सरल सांस का अभ्यास है जो यात्रा की थकान कम करने, मन को शांत रखने और शरीर का तापमान नियंत्रित करने में बहुत मदद करता है। इसके अलावा, गर्दन, कंधों, कलाई और पैरों के हल्के व्यायाम भी शामिल हैं, जिन्हें सीट पर बैठे हुए ही किया जा सकता है। मंत्रालय के अनुसार, ये अभ्यास लंबी उड़ानों में यात्रियों की सुविधा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं, ताकि कुछ ही मिनटों के सचेत श्वास और हल्की शारीरिक गतिविधियों से यात्री स्वयं को तरोताजा और ऊर्जावान महसूस कर सकें। हालांकि, इस दौरान कुछ महत्वपूर्ण सावधानियों का पालन करना अनिवार्य है। आयुष मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण डिस्क्लेमर भी जारी किया है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि फ्लाइट में योग करना पूरी तरह से यात्री की स्वैच्छिक इच्छा पर निर्भर करता है। कोई भी योग या शारीरिक गतिविधि शुरू करने से पहले, विशेष रूप से यदि आपको कोई पुरानी बीमारी, चोट या आप गर्भावस्था में हैं, तो स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। यात्रियों को हमेशा अपनी और सह-यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। गलियारे (आइल) या आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) को कभी भी अवरुद्ध न करें। जब सीटबेल्ट साइन ऑन हो या विमान में टर्बुलेंस हो, तब किसी भी प्रकार की शारीरिक गतिविधि से बचें। सुदामा/ईएमएस 21 अप्रैल 2026