अंतर्राष्ट्रीय
21-Apr-2026


-ट्रंप के विरोधाभासी बयान, कभी हमले की धमकी तो कभी बात आगे बढ़ाने की कर रहे बात तेहरान,(ईएमएस)। कालीबाफ ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह ईरान को झुकाने की कोशिश कर रहा है, जबकि ईरान खुद को मजबूत करने और नए विकल्प सामने लाने की तैयारी में है। दूसरी ओर अमेरिका की तरफ से भी सख्त संकेत मिले हैं। राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि वह युद्धविराम की अवधि खत्म होने से पहले इसे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अन्य वरिष्ठ अधिकारी पाकिस्तान जाने वाले थे, लेकिन ईरान ने बातचीत के अगले दौर को लेकर कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं दिखाई है। जानकारी के मुताबिक करीब दो महीने से जारी इस टकराव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। ईरान के अधिकारियों के मुताबिक अब तक इस संघर्ष में हजारों लोगों की जान जा चुकी है, जिससे हालात गंभीर हो गए हैं। इसी बीच इजराइल और लेबनान ने संकेत दिया है कि वे वॉशिंगटन में होने वाली अगली वार्ता में हिस्सा लेंगे। यह बातचीत दोनों देशों के बीच दशकों बाद सीधे संवाद की दिशा में एक अहम कदम है। ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर तय समय सीमा से पहले कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका “बमबारी” कर सकता है। हालांकि इसके साथ उन्होंने बातचीत को लेकर उम्मीद भी जताई है। ट्रंप ने यह बातें अलग-अलग मीडिया इंटरव्यू और अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कही। उन्होंने संकेत दिया कि बातचीत का रास्ता अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। 14 दिन का युद्धविराम बुधवार को खत्म हो रहा है। इस बीच ट्रंप के बयान थोड़े विरोधाभासी नजर आए। एक ओर उन्होंने कहा कि उन पर युद्ध खत्म करने का कोई दबाव नहीं है, वहीं दूसरी ओर यह भी कहा कि हालात जल्द बदल सकते हैं और बातचीत आगे बढ़ सकती है। वहीं तेहरान ने संकेत दिए हैं कि जब तक अमेरिका अपनी शर्तों में नरमी नहीं दिखाता, खासकर परमाणु कार्यक्रम को लेकर तब तक वह बातचीत नहीं करेगा। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। अमेरिकी नौसेना ने ईरान के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज को अपने कब्जे में ले लिया है। पिछले हफ्ते ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी के बाद यह पहली ऐसी कार्रवाई है। ईरान ने इसे संघर्ष विराम का उल्लंघन बताया है और कड़े परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। तनाव का असर होर्मुज पर भी साफ दिख रहा है, जो दुनिया में तेल सप्लाई का एक अहम रास्ता है। ईरान ने पहले इस मार्ग को कुछ समय के लिए खोला, लेकिन बाद में फिर से आवाजाही रोक दी। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने संघर्ष विराम से जुड़े वादों का पालन नहीं किया। इन हालात के बीच सवाल उठ रहा है कि क्या शांति वार्ता आगे बढ़ पाएगी या दोनों देशों के बीच टकराव और गहरा होगा। फिलहाल स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। सिराज/ईएमएस 21अप्रैल26

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