राज्य
21-Apr-2026


* महिला सशक्तिकरण की असली शुरुआत कांग्रेस ने की, 2023 के बिल को तुरंत लागू करने की मांग वडोदरा (ईएमएस)| गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने वडोदरा प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि एक ओर गुजरात में स्थानीय स्वराज चुनावों का माहौल है, वहीं दूसरी ओर देश की आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक परेशानियों से त्रस्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। रुपया कमजोर हो रहा है, विदेश नीति प्रभावी नहीं रही है और आम लोगों के लिए जीवनयापन कठिन होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी गंभीर परिस्थितियों में सरकार मूल समस्याओं का समाधान करने के बजाय महिला आरक्षण विधेयक के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने और जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ महासचिव, गुजरात कांग्रेस प्रभारी और सांसद मुकुल वासनिक ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक और प्रगतिशील पहल कांग्रेस ने की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1925 में सरोजनी नायडू को कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद राजीव गांधी के नेतृत्व में स्थानीय स्वराज संस्थाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, जिसे बाद में कई राज्यों में बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक किया गया। वासनिक ने कहा कि कांग्रेस लगातार इस पक्ष में रही है कि महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में भी उचित प्रतिनिधित्व मिले। उन्होंने मांग की कि वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल को तुरंत लागू किया जाए तथा इसमें एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की महिलाओं को भी आरक्षण दिया जाए, ताकि वास्तविक महिला सशक्तिकरण संभव हो सके। अमित चावड़ा ने कहा कि महिला सम्मान और सशक्तिकरण की परंपरा कांग्रेस ने शुरू की। देश को पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में इंदिरा गांधी का नेतृत्व मिला और प्रतिभा पाटिल देश की पहली महिला राष्ट्रपति बनीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार परिसीमन और सीट बढ़ाने के राजनीतिक एजेंडे के साथ इस महत्वपूर्ण मुद्दे को उलझाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस ने दोहराया कि महिलाओं को अधिकार, सम्मान और समान भागीदारी दिलाने की लड़ाई पहले भी जारी थी, आज भी जारी है और आगे भी मजबूती से जारी रहेगी। सतीश/21 अप्रैल