खेल
21-Apr-2026


कराची (ईएमएस)। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने आईपीएल खेलने के कारण करार तोड़ने वाले श्रीलंकाई क्रिकेटर दासुन शनाका पर प्रतिबंध लगा दिया है। पीसीब ने शनाका पर अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने के अरोप में ये प्रतिबंध लगाया है। अब शनाका पीएसएल के अगले सत्र में शामिल नहीं हो पायेंगे। शनाका ने लाहौर कलंदर्स के साथ अपना करार बीच में छोड़कर आईपीएल का रुख किया है। उन्हें जैसे ही आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स में अवसर मिला उन्होंने पीएसएल से अपना नाम वापस ले लिया। रॉयल्स ने सैम करन के चोटिल होने के कारण शनाका को 2 करोड़ रुपए में टीम में शामिल किया था। शनाका ने कहा, मुझे पीएसएल से नाम वापस लेने के अपने फैसले पर दुख है में पाक प्रशंसकों से माफी मांगता हूं। पीएसएल एक बहुत ही प्रतिष्ठित टूर्नामेंट है। मैं समझ सकता हूं कि मेरे इस कदम से लोगों को कितनी निराशा हुई होगी। इसके साथ ही में लाहौर कलंदर्स टीम से भी करार तोड़ने के लिए माफी मांगता हूं। उन्होंने साथ ही कहा, मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि जब मैंने लीग से नाम वापस लिया था, तब मेरा किसी दूसरे टूर्नामेंट में खेलने का कोई इरादा नहीं था। मैं पाक प्रशंसकों का बहुत सम्मान करता हूं और पाकिस्तान में बिताए अपने समय का मैंने हमेशा आनंद लिया है। मुझे उम्मीद है कि भविष्य में मैं नए जोश और फैन्स के भरोसे के साथ पीएसएल में वापसी करूंगा। इसके बाद कलंदर्स ने शनाका की जगह ऑस्ट्रेलिया के डैनियल सैम्स को टीम में शामिल किया। पीसीब ने कहा, शनाका द्वारा टूर्नामेंट से एकतरफा नाम वापस लेना, खिलाड़ी पंजीकरण की शर्तों और त्रिपक्षीय समझौते दोनों का साफ उल्लंघन था। जांच में यह भी सामने आया कि खिलाड़ी ने जिन आधारों पर नाम वापस लिया था, वे मौजूदा अनुबंध के नियमों के तहत मान्य नहीं थे ,इसलिए उनपर एक सत्र का प्रतिबंध लगाया गया है। पीसीबी ने कहा, बोर्ड ने औपचारिक सुनवाई के दौरान खिलाड़ी द्वारा व्यक्त किए गए अफसोस और पाकिस्तान में खेलने के प्रति उसके जुनून को संज्ञान में लिया है पर अनुबंध के उल्लंघन की गंभीरता को देखते हुए लीग की गरिमा और विशिष्टता को बनाए रखने के लिए नियामक कार्रवाई करना आवश्यक हो गया था। यह फैसला तुरंत लागू होगा। उन्हें अगले सत्र में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है। इससे पहले जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजारबानी ने भी पीएसएल से करार तोड़ दिया था। इसके बाद पीसीबी ने मुजारबानी पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया था। गिरजा/ईएमएस 21 अप्रैल 2026