नई दिल्ली (ईएमएस)। आजकल अक्सर लोगों को घुटनों में दर्द और घुटनों से आने वाली कट-कट की आवाज की शिकायत करते देखा जाता है। लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करने के कारण पैरों में सूजन, भारीपन और दर्द की परेशानी भी तेजी से बढ़ रही है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इन सभी संकेतों को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह आगे चलकर किसी गंभीर बीमारी का रूप ले सकते हैं। घुटनों से आने वाली कट-कट की आवाज को कुछ लोग सामान्य मानकर अनदेखा कर देते हैं। उन्हें लगता है कि यह समस्या या तो अपने आप ठीक हो जाएगी, या फिर खान-पान में बदलाव से इसका समाधान निकल आएगा, लेकिन यह एक गलत धारणा है। घुटनों के आवाज करने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शरीर में अत्यधिक गैस का बनना, कॉर्टिलेज का घिस जाना, कैल्शियम और विटामिन डी जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की कमी, शरीर में शारीरिक गतिविधि का कम होना, बार-बार सीढ़ियां चढ़ना और लंबे समय तक एक ही स्थिति में पैरों को रखना शामिल है। लेकिन, यदि घुटनों से आवाज आने के साथ-साथ दर्द भी महसूस हो रहा है, तो यह तुरंत सतर्क हो जाने वाली बात है। यह स्पष्ट संकेत है कि घुटनों में कोई बड़ी और गंभीर परेशानी आ चुकी है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। आयुर्वेद में घुटनों में दर्द और आवाज की परेशानी से बचने तथा उससे राहत पाने के लिए प्रभावी तरीके बताए गए हैं। इसके अनुसार, अश्वगंधा, योगराज गुग्गल और लाक्षादि गुग्गल जैसी औषधियों का सेवन किया जा सकता है। हालांकि, इनका सेवन किसी योग्य चिकित्सक की सलाह और मार्गदर्शन के बाद ही करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही, अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाना भी बेहद जरूरी है। सुबह और शाम के समय नियमित रूप से 15-20 मिनट की सैर जरूर करें। यह न केवल घुटनों के दर्द से राहत दिलाएगा, बल्कि उनकी गतिशीलता को भी बेहतर करेगा। रात के समय तिल के तेल से घुटनों की हल्की मालिश भी बेहद फायदेमंद होती है। यह सूजन और दर्द में आराम देता है, साथ ही रोजाना मालिश करने से कट-कट की आवाज भी धीरे-धीरे कम होने लगती है। रोजाना कम से कम 10 मिनट की धूप भी अवश्य लें। शरीर में विटामिन डी की कमी घुटनों में दर्द और आवाज आने का एक प्रमुख कारण है। धूप में घुटनों को सेंकने से दर्द में आराम मिलता है और शरीर को आवश्यक विटामिन डी भी प्राप्त होता है। इसके अतिरिक्त, मेथी का पानी भी अपने दैनिक आहार में शामिल किया जा सकता है। रोजाना सुबह खाली पेट मेथी का पानी पीने से शरीर में वात संतुलित रहता है, जिससे घुटनों के दर्द से प्रभावी रूप से राहत मिलती है और भविष्य की गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। मालूम हो कि आधुनिक जीवनशैली ने भले ही हमें कई सुख-सुविधाएं दी हों, लेकिन इसके साथ ही इसने कई स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ भी पेश की हैं। शारीरिक गतिविधियों में कमी और मानसिक तनाव में वृद्धि आज के समय की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। सुदामा/ईएमएस 22 अप्रैल 2026