वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पर्चे वाली दवाओं की कीमतों में बड़ी कमी लाने के लिए प्रमुख फार्मास्युटिकल कंपनियों के साथ व्यापक समझौतों की घोषणा कर दी है। उन्होंने इस कदम को अमेरिका के इतिहास में दवाओं की कीमतों में “सबसे बड़ी कटौती” बताया। व्हाइट हाउस में अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि कई बड़ी कंपनियां अब “मोस्ट फेवर्ड नेशन” (सबसे कम वैश्विक कीमत) के आधार पर अमेरिकी मरीजों को दवाएं देने के लिए सहमत हो गई हैं। उनका दावा है कि इससे दवाओं की कीमतें अभूतपूर्व स्तर तक घटेंगी। ट्रंप के अनुसार, दुनिया की 17 सबसे बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनियां, जो ब्रांडेड दवाओं के करीब 80 प्रतिशत बाजार का प्रतिनिधित्व करती हैं, अब अमेरिकी उपभोक्ताओं को वैश्विक स्तर पर सबसे कम कीमतों पर दवाएं बेचेंगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अमेरिकी नागरिक दवाओं के लिए अत्यधिक कीमत चुकाने को मजबूर रहे हैं। स्वास्थ्य और मानव सेवा सचिव रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर ने पहल का समर्थन कर फार्मा उद्योग की “लूट” के खिलाफ एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया की केवल 4.2 प्रतिशत आबादी होने के बावजूद अमेरिका फार्मास्युटिकल उद्योग के 75 प्रतिशत मुनाफे का स्रोत रहा है। वहीं, डॉ. मेहमत ओज ने बताया कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य दवाओं को अधिक किफायती बनाना है, क्योंकि हर तीन में से एक अमेरिकी व्यक्ति दवाएं महंगी होने के कारण उन्हें खरीदे बिना लौट जाता है। ट्रंप प्रशासन ने कुछ दवाओं की कीमतों में ठोस कमी के उदाहरण भी दिए हैं। एक कोलेस्ट्रॉल की दवा की कीमत 537 डॉलर से घटकर 225 डॉलर हो गई है, जबकि एक वजन घटाने की दवा की मासिक कीमत 1,350 डॉलर से घटकर 199 डॉलर रह गई है। अमेरिकी फार्मास्युटिकल कंपनी रीजेनरॉन फार्मास्युटिकल्स के सीईओ लियोनार्ड श्लीफर ने कहा कि उनकी कंपनी इस वैश्विक मूल्य संतुलन पहल का समर्थन करती है और इसमें शामिल होकर खुश है। कंपनी ने दुर्लभ बहरापन के इलाज के लिए जीन थैरेपी भी पेश की है, जिसे पात्र बच्चों को कुछ समय तक मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा। वैज्ञानिक जॉर्ज यानकोपोलोस ने इस एक क्रांतिकारी उपलब्धि बताया। वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक ने कहा कि इस नीति से घरेलू विनिर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा और लगभग 448 अरब डॉलर का दवा उत्पादन अमेरिका में स्थानांतरित हो सकता है। व्हाइट हाउस के अनुसार, ये समझौते अब ब्रांडेड दवा बाजार के लगभग 86 प्रतिशत हिस्से को कवर करते हैं और आगे भी बातचीत जारी है। आशीष/ईएमएस 26 अप्रैल 2026