क्षेत्रीय
27-Apr-2026
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- खाद-बीज विक्रेताओं ने एसडीएम को सौंपा प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन, अनिश्चितकालीन बंद की दी चेतावनी गुना (ईएमएस) ।अपनी लंबित समस्याओं के निराकरण और व्यापार में आ रही विसंगतियों के विरोध में सोमवार तहसील मुख्यालय आरोन सहित पूरे देश के कृषि आदान व्यापारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल रखी। एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन के आह्वान पर गुना के खाद, बीज एवं कीटनाशक विक्रेताओं ने व्यापार बंद रखकर एकजुटता दिखाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक विस्तृत ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। व्यापारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक माह के भीतर उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आगामी खरीफ सीजन के पूर्व वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी। ज्ञापन में व्यापारियों ने प्रमुखता से खाद पर होने वाली जबरन लिंकिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है। विक्रेताओं का कहना है कि उर्वरक कंपनियां सब्सिडी वाले खाद के साथ अनुपयोगी उत्पाद जबरदस्ती थमा देती हैं, जिसे अपराध घोषित किया जाना चाहिए। साथ ही, खाद की डिलीवरी सीधे बिक्री केंद्र तक सुनिश्चित करने, बढ़ती महंगाई को देखते हुए डीलर मार्जिन को न्यूनतम 5 फीसदी करने और साथी पोर्टल की अनिवार्यता केवल निर्माताओं तक सीमित रखने की मांग की गई है। व्यापारियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि सीलबंद पैकिंग का नमूना फेल होने पर विक्रेता को अपराधी के बजाय केवल साक्षी माना जाए, क्योंकि गुणवत्ता की जिम्मेदारी निर्माता कंपनी की होती है। इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में एक्सपायर्ड कीटनाशकों की वापसी के लिए कानूनी अनिवार्यता, नए बीज एवं कीटनाशक विधेयक 2025 में कठोर प्रावधानों को शिथिल करने और झूठी शिकायतों से व्यापारियों को बचाने के लिए जिला स्तरीय जांच कमेटी गठित करने का सुझाव दिया गया है। लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से व्यापारियों ने लाइसेंस निलंबन की स्थिति में 21 दिन में स्वत: बहाली, हर साल पीसी (प्रिंसिपल सर्टिफिकेट) जोडऩे की अनिवार्यता खत्म करने और दोहरी लाइसेंस प्रथा को बंद करने की भी मांग की है। विक्रेताओं का कहना है कि वे पिछले 10 वर्षों से इन समस्याओं से जूझ रहे हैं और अब ठोस कार्रवाई की उम्मीद रखते हैं। -सीताराम नाटानी