मीरजापुर (ईएमएस) । मीरजापुर भदोही संसदीय क्षेत्र से आठवें लोकसभा सांसद एवं विधिवेत्ता पं उमा कांत मिश्र की बारहवीं पूण्यतिथि 7 मई को अपराह्न तीन बजे से छः बजे तक उनके पैतृक निवास बेलन बरौधा स्थित कठार मुहल्ले में आयोजित किया गया है। जिसमें मुख्य रूप से मीरजापुर सोनभद्र प्रयागराज एवं भदोही वाराणसी के के उनके जाने पहचाने वाले एवं जन प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। बताते चलें कि पूर्व सांसद पं उमा कांत मिश्र का निधन 7 मई 2014 को दौरान इलाज गंगा नर्सिंग होम प्रयागराज में हो गया था। उल्लेखनीय है कि स्व श्री मिश्र 1981=84 एवं 85=89 दो बार सांसद जबकि 1972=78 एवं 78=81 तक विधान परिषद सदस्य (एम एल सी) मीरजापुर वाराणसी स्थानीय निकाय क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे।वहीं गांव सभा एवं स्थानीय निकाय पुनर्गठन की शुरुआत 1662 से 72 तक वह हलिया ब्लाक से प्रथम ब्लाक प्रमुख चूने गये थे। राजनीतिक शुरुआत उन्होंने वकालत पेशा के दौरान सर्व प्रथम 1953 में उन्हें जिला कांग्रेस कमेटी संगठनात्मक चुनाव के लिए जिला कांग्रेस कमेटी सभापति रहें स्वतंत्रता सेनानी पं शिवमूर्ति दूबे के द्वारा सुझाए गए नाम पर अविभाजित मीरजापुर जिला कांग्रेस संगठनात्मक चुनाव अधिकारी उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रहे स्वतंत्रता सेनानी पं मुनेश्वर दत्त उपाध्याय के अनुमोदन पर नियुक्त किए गए थे। और स्व श्री मिश्र ने नवालक तबेला स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय से निश्पक्षता पूर्वक चुनाव संपन्न कराया था। उसके बाद से उनकी रूझान कांग्रेस पार्टी की ओर बढ़ता गया और वह कांग्रेस राजनीति में शनै शनै सक्रियता पूर्वक आगे बढ़ते गए। उसके बाद वह मीरजापुर शहर के प्रथम विधायक रहे जिला परिषद चेयरमैन रहे पं अमरेश चंद पाण्डेय के छत्रछाया में कुशल राजनीतिज्ञ के रूप में माने जाने लगे। गौरतलब बात यह है कि स्व श्री मिश्र का ज़िले के सर्वशक्तिशाली राजनीतिज्ञ रहे अजीज इमाम से कांग्रेस चुनाव अधिकारी होने के वक्त से राजनीतिक मतभेद बढ़ता गया और वह उनके विपरीत गुट पं श्याम धर मिश्र समर्थक रहे हालांकि उस दौर में मीरजापुर भदोही संसदीय क्षेत्र में सर्वशक्तिशाली गुट पं श्यामधर मिश्र का हुआ करता था जिनके समर्थन में पं अमरेश चंद पाण्डेय,ब्रज भूषण मिश्र ग्रामवासी, जिला परिषद चेयरमैन रहे बाबू रामाधार सिंह एवं कांग्रेस संगठन के जिला अध्यक्ष रहे शिवमूर्ति दूबे दलित नेता विधायक रहे राम किशुन एवं बेचन राम जैसे लोग एक साथ लामबंद थे। अजीज इमाम स्थानीय स्तर पर राजनीतिक मठाधीश माने जाते थे। उनके मुकाबले के लिए उस वक्त राज्यसभा सांसद एवं सिंचाई एवं ऊर्जा उप मंत्री रहे श्यामधर मिश्र पार्टी के अंदरखाने में आमने सामने होते थे। उस समय पढ़ें लिखे विद्वान होने के नाते पं उमा कांत मिश्र अजीज इमाम खेमे के खिलाफ रहते थे जबकि हलिया ब्लाक के ही बाबू बांके लाल सिंह शुरू से कांग्रेसी और अजीज इमाम के कटृटर समर्थक होते थे। एक और गौर तलब बात है कि उन दिनों उपरौध एवं मझवां संयुक्त क्षेत्र से कांग्रेस विधायक अजीज इमाम एवं राम किशुन एवं बेचन राम हुआ करते थे। उस समय कांग्रेस प्रत्याशी अजीज इमाम एवं राजा विजयपुर श्री निवास प्रसाद सिंह चुनाव में कांग्रेस एवं निर्दलीय राजा साहब चुनाव चिन्ह नांव से लड़कर जबकि कांग्रेस चुनाव चिन्ह दो बैलों की जोड़ी से मुकाबला होता था। स्व श्री मिश्र को केन्द्रीय राज्यमंत्री रहे पं श्याम धर मिश्र की अनुशंसा पर विधानसभा क्षेत्र मीरजापुर शहर से प्रत्याशी बनाया गया लेकिन सोशलिस्ट पार्टी के अश्विनी कुमार चतुर्वेदी राकेश चतुर्वेदी से चुनाव हार गए उसके बाद 1972 में स्व श्री मिश्र सीधे एम एल सी प्रत्याशी बनाए गए उस समय मुख्यमंत्री रहे कमला पति त्रिपाठी ने खुद स्व श्री मिश्र के नाम की संस्तुति कर दिया था उस समय प्रदेश अध्यक्ष रहे अजीत प्रकाश जैन ने गुटबाजी के चलते कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ शंकर दयाल शर्मा को भेज दिया था जहां कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अजीज इमाम के अनिच्छा के बावजूद स्व श्री मिश्र को मुख्यमंत्री कमला पति त्रिपाठी के प्रयास से कामयाबी हासिल हुई। ऐसे राजनीतिक मर्मज्ञ रहे पं उमा कांत मिश्र जिन्होंने पंचायत से राज्य विधानमंडल के विधायक बनकर देश के सर्वोच्च संसद सदस्य बनकर उपरौध क्षेत्र का नाम रोशन किया। पं उमा कांत मिश्र पूण्यतिथि एवं विचार संगोष्ठी के मुख्य आयोजक उनके पौत्र क्षेत्रीय युवक कांग्रेस कमेटी के महासचिव अनुराग मिश्र एडवोकेट ने कहा कि पं उमा कांत मिश्र पूण्यतिथि पर एक विचार संगोष्ठी उनके जन्म भूमि कठार गांव में आयोजित किया गया है। जिसके सफलता के लिए पूर्व सांसद पं उमा कांत मिश्र के परिवार की ओर से विस्तार पूर्वक मनाया जाएगा। उक्त पूण्यतिथि एवं विचार संगोष्ठी के आयोजन समिति में पं उमा कांत मिश्र के छोटे भाई देव दत्त मिश्र, नरेंद्र देव मिश्रा, शशि देव मिश्रा, धर्म देव मिश्रा, कृष्ण देव मिश्र,(सोमदेव) इन्द्र देव मिश्रा (लाला भाई) सुरेन्द्र देव मिश्रा, रविन्द्र देव मिश्रा, देवेन्द्र देव मिश्रा, रामेश्वर मिश्र, भुवनेश्वर मिश्र, एवं राजेश कुमार मिश्र तथा बृजेश कुमार मिश्र द्वारा संयुक्त रूप से धूम्रपान से इस वार उनके पूण्यतिथि पर एक विचार संगोष्ठी आयोजित किया गया है। कार्यक्रम संयोजक एडवोकेट अनुराग मिश्र ने कहा कि उक्त कार्यक्रम में शासन एवं प्रशासन तथा जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रहेगी। - ईएमएस / 27/04/2026