खेल
28-Apr-2026
...


मुम्बई (ईएमएस)। आजकल इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 19 सत्र के मुकाबले जारी है। साल 2008 में शुरु होने के बाद से ही आईपीएल ने लगातार प्रगति करते हुए दुनिया भर में अपनी अलग पहचान बनायी है। इस लीग में दुनिया भर के क्रिकेटर खेलते हैं। यह लीग अपनी गुणवत्ता और रोमांच मुकाबलों के कारण चर्चित रही है और इस पर प्रशंसकों का भरोसा बना हुआ है। वहीं एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ सत्र से इस लीग में जिस प्रकार से बल्लेबाज हावी होने लगे हैं। उससे इसका संतुलन खराब हो रहा है। अब लगाता है कि यह लीग अब बल्लेबाजों का स्वर्ग बन गयी है। इसमें गेंदबाजों की भूमिका सीमित होती जा रही है। इसका कारण कई नियम है जो गेंदबाजों के खिलाफ जाते हैं। प्रायोजक बड़े स्कोर वाले मैच चाहते हैं जिससे की प्रशंसकों का उत्साह बढ़ा रहे। इस सत्र में कई ऐसे मैच देखने को मिले हैं, जो खेल के संतुलन को पूरी तरह से बिगाड़ चुके हैं। हाल ही में एक ही दिन में 464 गेंदों में 985 रन बने। यहां तक कि 265 और 228 जैसे बड़े लक्ष्य भी टीमें आसानी से हासिल कर रही हैं। यह इस बात को दिखाता है कि अब कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं है। गेंदबाज अब सिर्फ चौके-छक्के खाने के लिए गेंद फेंकते नजर आ रहे हैं, उनकी भूमिका मैदान पर केवल औपचारिकता पूरी करने तक ही रह गयी है। इसी कारण कई क्रिकेट विशेषज्ञ खेल को लेकर खुश नहीं है। जसपीत बुमराह, पैट कमिंस, जोश हेज़लवुड, अर्शदीप सिंह या जोफ्रा आर्चर जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाजों को भी ऐसे चौके-छक्के पड़ रहे हैं, जैसे वे किसी स्थानीय टीम के गेंदबाज हों। अठारह गेंदों में अर्धशतक बनाना अब आम बात हो गयी है। वहीं लीग की सफलता का आधार हमेशा बल्ले और गेंद के बीच संतलुन बना रहना माना जाता है। ऐसे में अब किकेट बोर्ड (बीसीसीआई) को इस मामले को देखते हुए इसका हल निकालने पर गंभीरत से विचार करना होगा। ये देखना होगा कि गेंदबाजी और बल्लेबाजी संतुलन बना रहे अभी सभी नियम बल्लेबाजों के पक्ष में जा रहे हैं। पावरप्ले को लेकर भी फैसला लेना होगा। इसमें अभी सबसे अधिक रन बन रहे हैं। गिरजा/ईएमएस 28 अप्रैल 2026