क्षेत्रीय
30-Apr-2026
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- जनगणना 2027 के पहले चरण में 14 दिनों में मप्र में 5 लाख 30 हजार परिवारों ने की स्व गणना भोपाल (ईएमएस)। जनगणना 2027 के पहले चरण में स्व गणना का ऑप्शन 30 अप्रैल की रात 12 बजे बंद हो गया। पिछले 14 दिनों में प्रदेश में 5 लाख 30 हजार परिवारों ने अपने से गणना कर इसकी जानकारी ऑनलाइन भेज दी है। हालांकि इस प्रक्रिया में प्रदेश के छोटे जिले बड़े शहरों पर भारी साबित हुए हैं। स्व गणना के मामले में रायसेन जिला सबसे भारी साबित हुआ है। रायसेन के 80 हजार से ज्यादा लोगों ने स्व गणना में अपना जानकारी ऑनलाइन भरी है। सबसे कम आंकड़ा निवाड़ी जिले का रहा। उधर राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर जिले छोटे शहरों के लोगों के उत्साह से पिछड़ गए। जनगणना 2027 के तहत 15 अप्रैल से स्व गणना की शुरूआत की गई थी, इसमें जनगणना की वेबसाइट पर जाकर खुद ही लोग अपनी जानकारी भर सकते हैं। स्थानीय निकायों द्वारा भी लोगों के मोबाइल पर इसकी लिंक भेज गई, ताकि लोग इसकी जानकारी खुद ही भरने को लेकर प्रोत्साहित हो सकें। पिछले 14 दिनों के दौरान प्रदेश में 5 लाख 30 हजार लोगों ने स्वगणना में हिस्सा लिया है। बड़े शहर रह गए पीछे स्व गणना की प्रक्रिया में बड़े शहर के परिवार पीछे रह गए। सबसे ज्यादा उत्साह रायसेन जिले के लोगों ने दिखाया। रायसेन के 80 हजार से ज्यादा लोगों ने स्व गणना की प्रक्रिया पूरी की है। इसके अलावा मंदसौर शहर के 72 हजार से ज्यादा लोगों ने स्व गणना की प्रक्रिया पूरी की है। जबकि बड़े शहरों के आंकड़े इनके मुकाबले काफी कम हैं। उज्जैन में 17 हजार 700 लोगों ने स्व गणना की प्रक्रिया में हिस्सा लिया, जबकि भोपाल में 13 हजार 500, जबलपुर के 12 हजार 400 और इंदौर के 8 हजार 800 लोगों ने स्व गणना में हिस्सा लिया है। सबसे कम आंकड़ा निवाड़ी जिले का रहा, जहां करीबन 500 लोगों ने ही स्व गणना की है। जनगणना विभाग के उप महारजिस्ट्रार डॉ. विजय कुमार के मुताबिक स्व गणना की प्रक्रिया 30 अप्रैल की रात 12 बजे तक चली। इसके बाद इसे बंद कर दिया गया। 1 मई शुक्रवार से जनगणना से जुड़े कर्मचारी घर-घर पहुंचकर जनगणना की प्रक्रिया पूरी करने में जुट गए हैं। जनगणनाकर्मी के आने पर दिखाना होगा नंबर स्वगणना की प्रक्रिया पूरी करने के बाद 11 नंबर की एक एसई आईडी जनरेट होकर आपके रजिस्टर्ड नंबर और ईमेल आईडी पर पहुंच जाएगी। इस आईडी को आपको संभाल कर रखना होगा। जब प्रगणक आपके घर पहुंचेंगे तो उन्हें यह आईडी दिखाना होगी। यह सही होने पर ही डेटा ओपन होगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो प्रगणक को फिर से पूरी जानकारी देनी होगी। फार्म में कोई जानकारी गलत भर दी गई है, तो उसे सिर्फ प्रगणक ही सुधार सकेंगे। विनोद / 30 अप्रैल 26