क्षेत्रीय
30-Apr-2026
...


- बीमा पॉलिसियों में की गई जालसाजी, सीआईडी पीएचक्यू में दो एफआईआर दर्ज - ग्वालियर, मुरैना, रतलाम सहित अन्य शहरो में की गई ढाई करोड़ की हेराफेरी भोपाल(ईएमएस)। संगठित अपराधियों के गिरोह द्वारा “प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना” (पीएमजेजेबीवाय) में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों के द्वारा बीमा पॉलिसियों की करोडों की धोखाधड़ी के मामले में अपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस मुख्यालय भोपाल में दो एफआईआर दर्ज की गई है। - सीआईडी को मिला था इनपुट विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार अपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस मुख्यालय भोपाल को सूत्र से इस बात की जानकारी मिली की प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में संगठित अपराधियों के गिरोह द्वारा फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों के द्वारा ग्वालियर, मुरैना, रतलाम एवं प्रदेश के अन्य स्थानों पर बीमा पॉलिसियों की लगभग ढाई करोड़ की धोखाधड़ी की गई है। - जॉच में हुए चौकांने वाले खुलासे एक ही परिवार के कई लोगो के नाम पर अलग-अलग कंपनियो की कई पॉलिसिया ली गई जॉच में सामने आया की गिरोह द्वारा प्रदेश के ग्वालियर, मुरैना, रतलाम व अन्य स्थानों पर विभिन्न बैकों में फर्जी नामों से सैकड़ों की संख्या में संदिग्ध बैंक खाते खोले गए और “प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना” के अंतर्गत विभिन्न बीमा कम्पनियों में सैकड़ों व्यक्तियों की बीमा पॉलिसियां ली गईं। इन बीमा पॉलिसियों में एक ही परिवार के अनेक व्यक्तियों का बीमा कराया गया, एक ही नाम पते के व्यक्तियों का अलग-अलग बीमा कम्पनियों में बीमा कराया गया। अलग-अलग बैंक खातों में एक ही मोबाईल नम्बर दर्ज कराए गए। इसी प्रकार एक ही व्यक्ति के अनेक ई-मेल आईडी दर्ज कराई गईं जिनका उपयोग धोखाधड़ी की रकम का भुगतान लेने में किया गया। - सैकड़ों ऐसे लोग जिन्हें पता ही नहीं उनका बीमा हुआ है 1 साल में मृत बताकर की करोड़ो की ठगी छानबीन में ऐसे सैकड़ों व्यक्तियों की जानकारी सामने आई जिनके बिना संदेहियों द्वारा उनका योजना के अंतर्गत बीमा कराया गया। इन हितग्राहियों को अपना बीमा कराए जाने की कोई जानकारी नहीं थी। योजना अंतर्गत बीमा कराने के एक माह से एक साल के भीतर बीमित व्यक्ति को मृत बताकर नगरीय निकायों के द्वारा कथित रूप से मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर उनके आधार पर बीमा कम्पनियों से करोड़ों की ठगी की गई। हैरानी वाली बात यह है, कि कई व्यक्तियो के जीवित होने के बाद भी उन्हें मरा बताकर मिलीभगत कर बीमित व्यक्तियों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर क्लेम की रकम गिरोह के ही नामित व्यक्तियों के खातों में ट्रांसफर कराकर ठगी व धोखाधड़ी की गई। - कई मामलो में चार-पॉच सौ किलोमीटर दूर शहरो से निकाली गई रकम पड़ताल में यह भी खुलासा हुआ की कई मामलो ने गिरोह के आरोपियो ने खाते तो ग्वालियर, मुरैना के बैंकों में खुलवाए लेकिन ठगी की रकम खातों मे आते ही तुरंत उन बैंको से 400 से 500 किलोमीटर दूर रतलाम, राजस्थान के सवाई माधौपुर, गंगानगर व अन्य जगहो के अनेक एटीएम से नगद रकम निकाली या म्यूल खातों में ट्रांसफर कर ली गई। इसी तरह कुछ खाते रतलाम में खुलवाए गए लेकिन ठगी की रकम को ग्वालियर, मुरैना व आस-पास के एटीएम से निकाला गया। इस तरह के एकांउट को फ्रीज़ कर दिया गया है। - पता कहीं का मृत्यू दूसरी जगह, डेथ सार्टिफिकेट तीसरी जगह का ऐसे मामले भी जानकारी में आए हैं, कि जहां खाताधारक एवं बीमित व्यक्ति द्वारा अपना पता दर्ज कराया गया था, उनकी मृत्यु निवास स्थान से दूर किसी अन्य स्थान पर दर्शाई गई और फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र किसी अन्य स्थान से तैयार करवाकर ठगी की गई। इस धोखाधड़ी में अलग-अलग नामित लोगो (नॉमिनी) द्वारा कॉमन ई-मेल आईडी , मोबाइल नंबर उपयोग किये गये है। - क्या है पीएमजेजेबीवाय “प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना” (पीएमजेजेबीवाय) केन्द्रीय सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए बीमा कवर प्रदान करना है। यह किसी भी कारण से मृत्यु होने पर 18-50 आयु वर्ग के हितग्राहियों को बीमा कवर प्रदान करती है। जिसमें बीमा धारकों का दो-दो लाख रूपये का बीमा किया जाता है, जिसकी वार्षिक किस्त 436 रूपये है, तथा बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर बीमा पॉलिसी में नामित व्यक्ति को दो लाख रूपये की रकम योजना के अंतर्गत प्रदान की जाती है। यह योजना बैंकों-डाकघरों के माध्यम से दी जाती है, और इसका प्रबंधन जीवन बीमा कम्पनियों द्वारा किया जाता है। - कई मामलो में एक ही परिवार के दो-तीन लोगो की मौत सात दिन के अंदर हुई चौंकाने वाला बिंदु यह भी है कि, अनेक मामलों में एक ही परिवार के दो-दो, तीन-तीन सदस्यों की मृत्यु एक सप्ताह अथवा एक माह में बताकर बीमा दावा रकम प्राप्त की गई। और लगभग धोखाधड़ी के सभी मामलों मे बीमित व्यक्ति की मृत्यु “प्राकृतिक मृत्यु” दर्शाई गई है। मामले में थाना अपराध अनुसंधान विभाग में दो प्रकरण दर्ज कर आगे की जॉच में लिये गये हैं। जुनेद / 30 अप्रैल