मुंबई, (ईएमएस)। बदलते जलवायु चक्र और बढ़ते वैश्विक तापमान के कारण इस साल की गर्मी आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। महाराष्ट्र समेत देश के कई हिस्सों में अप्रैल महीने में ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 2026 भारत के इतिहास का सबसे गर्म वर्ष साबित हो सकता है। प्रशासन ने ‘हीट वेव’ (लू) को लेकर अलर्ट जारी किया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। - ‘सुपर अल नीनो’ क्या है? एल नीनो का एक शक्तिशाली रूप ‘सुपर एल नीनो’ इस साल मौसम पर बड़ा असर डाल रहा है। समुद्र की सतह का तापमान असामान्य रूप से बढ़ने से वैश्विक मौसम संतुलन बिगड़ गया है। इसका असर भारत के मानसून पर भी पड़ सकता है और गर्मी और ज्यादा तीव्र होने की संभावना है। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने का अनुमान है। - हीट वेव की परिभाषा (मौसम विभाग के अनुसार) तटीय क्षेत्रों में लगातार 2 दिन तापमान 37°C से ऊपर जाए तो हीट वेव मानी जाती है। सामान्य से 4.5°C से 6.4°C अधिक तापमान = हीट वेव 6.5°C से अधिक बढ़ोतरी = गंभीर हीट वेव, जो जानलेवा हो सकती है। - लू (हीट स्ट्रोक) के लक्षण पहचानें हीट स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है। इसके प्रमुख लक्षण: शरीर का तापमान बहुत बढ़ना लेकिन पसीना न आना चक्कर आना, उल्टी या मिचली त्वचा का लाल और गर्म हो जाना तेज प्यास लगना ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। लू से बचाव के उपाय पानी ज्यादा पिएं: दिन में 3–4 लीटर पानी पिएं, साथ ही छाछ, नींबू पानी, नारियल पानी लें। सही कपड़े पहनें: हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें, सिर पर टोपी या छाता रखें। समय का ध्यान रखें: दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप में जाने से बचें। खानपान: भारी और तला-भुना खाना कम करें, बासी खाना और ज्यादा चाय-कॉफी से बचें। घर ठंडा रखें: दिन में पर्दे लगाएं और रात में खिड़कियां खोलकर हवा आने दें। सामाजिक जिम्मेदारी भी जरूरी इस गर्मी में सिर्फ अपनी ही नहीं, बल्कि जानवरों और पक्षियों की भी मदद करें। घर के बाहर पानी के बर्तन रखें। बढ़ती गर्मी केवल प्राकृतिक नहीं, बल्कि जंगलों की कटाई और औद्योगिकीकरण का भी परिणाम है, इसलिए पर्यावरण संरक्षण बेहद जरूरी है। किसी भी आपात स्थिति में 108 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की सलाह दी गई है। स्वेता/संतोष झा- ३० अप्रैल/२०२६/ईएमएस