क्षेत्रीय
30-Apr-2026
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ग्वालियर ( ईएमएस ) | मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद, ग्वालियर के तत्वावधान में आदि गुरु शंकराचार्य जी की जयंती के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय व्याख्यान माला (संवाद योजना अंतर्गत) का सफल आयोजन शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई उत्कृष्ट महाचिद्यालय में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय दर्शन, विशेष रूप से अद्वैत वेदात, तथा शंकराचार्य जी के जीवन, व्यक्तित्व और उनके महान योगदान से समाज को परिचित कराना था। कार्यक्रम में संबाद के माध्यम से वैचारिक आदान-प्रदान पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी ऋषभ देवानंद जी महाराज रहे, जबकि अध्यक्षता शशिदत गगरानी जी (शासी निकाय सदस्य, जन अभियान परिषद) ने की। विशिष्ट अतिथियों में प्राचार्य हरीश अग्रवाल, संभागीय समन्वयक सुशील बरुआ, जिला समन्वयक धर्मेन्द्र दीक्षित, ब्लॉक समन्वयक प्रीति बाजपेयी एवं विनोद शर्मा सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, सीएमसीएलडीपी के विद्यार्थी एवं मेटर्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ शंकराचार्य जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंच संचालन के दौरान कार्यक्रम की रूपरेखा धर्मेन्द्र दीक्षित द्वारा प्रस्तुत की गई। उद्बोधन क्रम में: प्राचार्य हरीश अग्रवाल ने शिक्षा एवं सामाजिक सहभागिता को समग्र विकास का आधार बताया। सुशील बरुआ ने शंकराचार्य जी द्वारा सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में किए गए योगदान को रेखांकित किया। स्वामी ऋषभ देवानंद जी ने प्रेरणादायक उद्बोधन में शंकराचार्य जी के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि चित्र और मूर्ति पूजन के साथ-साथ उनके विचारों को जीवन में उतारना हो सच्ची श्रद्धाजलि है। साथ ही उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा एवं आध्यात्मिक उन्नति में गुरु की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने ब्रह्म सत्य है, जगत मिथ्या है जैसे अद्वैत वेदांत के सिद्धांत को सरल भाषा में समझाया तथा उपनिषद, गौता और ब्रह्मसूत्र पर शकरावार्य जी द्वारा लिखित भाष्यों के महत्य पर प्रकाश डाला। अध्यक्षीय उद्बोधन में शशिदत्त गगरानी जी ने शंकराचार्य जी के बाल्यकाल, संन्यास ग्रहण, गुरु गोविंद भगवत्पाद से दीक्षा एवं उनके अखिल भारतीय भ्रमण का प्रेरणादायक वर्णन किया। उन्होंने युवाओं से उनके सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान अप्रवासी संत सेवा ग्वालियर सकल्प के अंतर्गत श्री दिवाकर जी द्वारा एक विशेष अभियान का पोस्टर विमोचन किया गया, जिसमें एक दिन, एक परिवार-संत सेवा एव गौ सेवा का संदेश दिया गया। समापन अवसर पर विनोद शर्मा (विकासखंड समन्वयक, घाटीगांच) ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकराचार्य जी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक है जितने उनके समय में थे। यह व्याख्यान माला न केवल ज्ञानवर्धक रही, बल्कि सभी प्रतिभागियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध हुई, जिसने भारतीय संस्कृति, दर्शन एवं आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति नई जागरुकता बढ़ी।