:: जगदगुरु स्वामी रामदयाल महाराज के सान्निध्य में उमड़ा भक्तों का हुजूम; केसरिया और श्वेत परिधानों में सजे श्रद्धालुओं ने खींची रथ की डोर :: इंदौर (ईएमएस)। मालवा की पावन धरा और इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र में गुरुवार को धर्म, संस्कृति और अटूट आस्था की अनुपम छटा बिखरी। अवसर था भगवान लक्ष्मी-नृसिंह के प्राकट्य उत्सव का। श्री जांगड़ा पोरवाल पंचायती सभा के तत्वावधान में छत्रीबाग स्थित प्राचीन मंदिर से जब भगवान नृसिंह सुसज्जित रथ पर विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकले, तो समूचा परिवेश जय नरसिंह के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। शोभायात्रा का मुख्य केंद्र अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के आचार्य जगदगुरु स्वामी रामदयाल महाराज रहे। वे अपनी संत मंडली के साथ भव्य स्वर्ण रथ पर सवार होकर श्रद्धालुओं पर आशीर्वचनों की वर्षा कर रहे थे। श्रद्धा की पराकाष्ठा तब दिखी जब भक्त स्वयं अपने हाथों से भगवान के रथ की रस्सी खींचते हुए चल रहे थे। अनुशासन और परंपरा का संगम ऐसा था कि पुरुष जहाँ धवल (श्वेत) परिधानों में शालीन दिख रहे थे, वहीं मातृशक्ति पीताम्बरी वेशभूषा में भक्ति के रंगों को और गहरा कर रही थी। :: पुष्पवर्षा से महका मार्ग, भजनों पर थिरके भक्त :: राजस्व ग्राम, नरसिंह बाजार, सांठा बाजार और बजाज खाना चौक जैसे पारंपरिक मार्गों से गुजरी इस यात्रा का स्वागत पलक-पावड़े बिछाकर किया गया। मार्ग में 35 से अधिक स्वागत मंचों से हुई अनवरत पुष्पवर्षा ने वातावरण को सुगंधित कर दिया। भजन गायक द्वारका मंत्री की सुमधुर स्वरलहरियों पर युवा और महिलाएँ भाव-विभोर होकर थिरकते रहे। जगह-जगह सजे तोरण द्वार और गरबा मंडलियों की मनोहारी प्रस्तुतियों ने उत्सव की भव्यता में चार चाँद लगा दिए। :: राजनेताओं ने की अगवानी, महाआरती में उमड़ा जन-सैलाब :: शोभायात्रा के दौरान सांसद शंकर लालवानी, विधायक मालिनी गौड़ और महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित नगर के अनेक जनप्रतिनिधियों ने भगवान की आरती कर मंगल कामना की। उत्सव समिति के अरुण पोरवाल, अध्यक्ष रामदयाल फरक्या और मुख्य यजमान जगदीश कन्हैयालाल गुप्ता ने बताया कि मंदिर में वैदिक मंगलाचरण के साथ आयोजन का दिव्य शुभारंभ हुआ। यात्रा के पुनः मंदिर पहुँचने पर भगवान का महाभिषेक किया गया, जिसके साक्षी हजारों श्रद्धालु बने। महाआरती के पश्चात आयोजित विशाल महाप्रसादी में 3 हजार से अधिक भक्तों ने अन्नकूट ग्रहण किया। व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में पोरवाल समाज के 50 से अधिक कार्यकर्ताओं और मातृशक्ति ने समर्पित भूमिका निभाई। प्रकाश/30 अप्रैल 2026 संलग्न चित्र : इंदौर। छत्रीबाग स्थित लक्ष्मी नृसिंह मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा में उमड़ा जन-सैलाब।