करियर के शुरुआती दिनों से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा सुनाया नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने करियर के शुरुआती दिनों से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए बताया कि एक बार उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी का विकेट लेने के बाद इतना ज्यादा जश्न मनाया था कि धोनी उनसे नाराज हो गए थे। एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान अश्विन ने बताया कि उस समय उनका सपना चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलना था और उन्हें लगता था कि धोनी का विकेट लेने से शायद उन्हें आईपीएल में मौका मिल जाए। अश्विन ने बताया कि शुरुआती दिनों में उन्हें ज्यादा अवसर नहीं मिलते थे क्योंकि टीम में मुथैया मुरलीधरन जैसे दिग्गज गेंदबाज मौजूद थे। उन्होंने कहा कि 2008 में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला, जबकि 2009 में केप टाउन में मुंबई इंडियंस के खिलाफ उन्होंने अपना पहला मैच खेला था। उस मुकाबले में उनके सामने सचिन तेंदुलकर जैसे महान बल्लेबाज थे। हालांकि 2009 और 2010 के बीच भी उन्हें सीमित मौके मिले। अश्विन ने बताया कि चैलेंजर ट्रॉफी के दौरान उन्हें महेंद्र सिंह धोनी के खिलाफ गेंदबाजी करने का मौका मिला और उसी मैच में धोनी दो बार आउट हुए। एक बार धोनी ने डीप कवर की तरफ शॉट खेला, जहां अश्विन ने शानदार डाइव लगाकर कैच पकड़ा। इसके बाद उन्होंने बेहद उत्साह के साथ जश्न मनाया। अश्विन ने हंसते हुए कहा कि उनका जश्न देखकर धोनी नाराज हो गए और बोले कि इतना ज्यादा जश्न मनाने की क्या जरूरत है। इस पर अश्विन ने जवाब दिया कि आपका विकेट लेना मेरा सपना था और शायद इसी वजह से मुझे चेन्नई सुपर किंग्स में मौका मिल जाए। अश्विन ने बताया कि अगले ही साल उन्हें चेन्नई की टीम में जगह मिल गई। चेन्नई सुपर किंग्स के माहौल को याद करते हुए अश्विन ने कहा कि टीम की सफलता का बड़ा कारण उसका संतुलित संयोजन और खिलाड़ियों को मिलने वाला भरोसा था। उन्होंने कहा कि टीम में सिर्फ अच्छे बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि मजबूत गेंदबाज और शानदार घरेलू खिलाड़ी भी थे। मुरली विजय, बद्रीनाथ और शादाब जकाती जैसे खिलाड़ियों ने टीम के लिए अहम योगदान दिया। अश्विन ने कहा कि चेन्नई टीम खिलाड़ियों और उनके परिवारों का भी पूरा ध्यान रखती थी। यात्रा, होटल, टिकट और दूसरी सुविधाओं की चिंता खिलाड़ियों को नहीं करनी पड़ती थी, जिससे वे पूरी तरह क्रिकेट पर ध्यान दे पाते थे। उन्होंने कहा कि यह भरोसा और माहौल किसी भी खिलाड़ी के प्रदर्शन पर बड़ा असर डालता है। अपने आईपीएल करियर के आखिरी पड़ाव को याद करते हुए अश्विन ने कहा कि वह हमेशा वहीं अपने करियर का अंत करना चाहते थे, जहां से शुरुआत की थी। हालांकि उनका सपना चेपॉक मैदान पर आखिरी मैच खेलने का था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। डेविड/ईएमएस 09 मई 2026