अंतर्राष्ट्रीय
10-May-2026
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मॉस्को,(ईएमएस)। दुनियाभर में बीते कुछ वर्षों से जारी युद्ध और संघर्ष के बीच शांति की एक नई किरण दिखाई देने लगी है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा करते हुए संकेत दिया है कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा चार साल पुराना युद्ध अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ सकता है। मॉस्को में विक्ट्री डे परेड के समापन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पुतिन ने कहा, मुझे लगता है कि यह मामला अब खत्म होने की ओर बढ़ रहा है। पुतिन का यह सकारात्मक बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका की मध्यस्थता से शनिवार से तीन दिनों का संघर्षविराम (सीजफायर) प्रभावी हुआ है। हालांकि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर छोटे-मोटे उल्लंघनों के आरोप लगाए हैं, लेकिन किसी बड़े हमले की खबर नहीं है। इसे यूरोप के सबसे बड़े युद्ध में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। पुतिन के इस बदले हुए लहजे से उम्मीद जगी है कि न केवल रूस-यूक्रेन, बल्कि हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच शुरू हुए तनाव में भी पूर्ण शांति की डील संभव हो सकती है। रूसी राष्ट्रपति ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की इच्छा भी जताई है, लेकिन इसके लिए एक महत्वपूर्ण शर्त रखी है। पुतिन ने स्पष्ट किया कि यह मुलाकात तभी होगी जब शांति समझौते के सभी अहम बिंदुओं पर पहले ही सहमति बन जाए। उन्होंने कहा कि वह किसी तीसरे देश में मिलने के लिए तैयार हैं, लेकिन यह बैठक अंतिम चरण की होगी जहां शांति संधि को औपचारिक रूप दिया जाएगा। पुतिन ने जोर दिया कि समझौता केवल अस्थायी नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और टिकाऊ होना चाहिए। एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम युद्धबंदियों की अदला-बदली को लेकर है। अमेरिका के प्रस्ताव के अनुसार दोनों देशों के बीच 1000-1000 कैदियों की रिहाई की योजना है। पुतिन ने कहा कि रूस अपनी सूची सौंप चुका है और अब गेंद यूक्रेन के पाले में है। उन्होंने अपील की है कि संघर्षविराम खत्म होने से पहले इस मानवीय प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाए। दिलचस्प बात यह रही कि इस बार मॉस्को के रेड स्क्वायर पर हुई विक्ट्री डे परेड पहले के मुकाबले काफी सीमित और सादगीपूर्ण रही। भारी हथियारों और मिसाइलों के भौतिक प्रदर्शन के बजाय स्क्रीन पर वीडियो दिखाए गए। हालांकि पुतिन ने अपने औपचारिक भाषण में युद्ध को न्यायसंगत ठहराया और नाटो पर तीखे प्रहार किए, लेकिन बाद में मीडिया से बातचीत में उनका व्यवहार काफी लचीला और सुलह की ओर झुका हुआ नजर आया। विश्व समुदाय अब इस संभावित शांति वार्ता की अगली कड़ियों पर पैनी नजर बनाए हुए है। वीरेंद्र/ईएमएस/10मई 2026