10-May-2026
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-प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल -डॉक्टरों ने लगाए अनियमितता और दबावपूर्ण माहौल के आरोप -स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों की अनदेखी का दावा नई दिल्ली,(ईएमएस)। देश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एम्स दिल्ली में डॉक्टरों के संस्थान छोड़ने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हाल ही में सामने आई रिपोर्टों ने एम्स प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई डॉक्टरों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल का कार्य वातावरण पहले जैसा नहीं रहा और प्रशासनिक स्तर पर लगातार अनदेखी तथा दबाव की स्थिति बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में मरीजों की भर्ती, ट्रांसफर और डिस्चार्ज प्रक्रिया में अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। इनका असर मरीजों की देखभाल और विभागीय कामकाज पर पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि कार्डियक सर्जन डॉ. ए.के. बिसोई ने इन मुद्दों को प्रशासन के सामने उठाया था। इसी दौरान एक नर्स की शिकायत के आधार पर डॉ. बिसोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच शुरू की गई थी। हालांकि अक्टूबर 2025 में आंतरिक शिकायत समिति ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। मामले के बाद एम्स की प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल और गहरे हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कई बार निर्देश जारी किए जाने के बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हिदायत/ईएमएस 10मई26