- सर्वोच्च न्यायालय में आयोजित होने जा रही विशेष लोक अदालत दतिया ( ईएमएस ) | जिला स्तरीय परियोजनाओं, न्यायालयीन मामलों में समन्वय और विकासात्मक योजनाओं की समीक्षा करने के उद्देश्य से प्रधान न्यायाधीश श्री विजय चंद्र की अध्यक्षता में आज शुक्रवार को जिला मॉनिटरिंग सेल की बैठक जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में विशेष न्यायाधीश अखिलेश कुमार धाकड़, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय अशोक कुमार गुप्ता, कलेक्टर स्वप्निल वानखडे, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री सतीश वसुनिया, सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण सुश्री निधि पिंटो, न्यायाधीश प्रथम श्रेणी देवेश अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुनील कुमार शिवहरे सहित अन्य संबद्ध न्यायिक अधिकारीगण और जिला प्रशासन के अधिकारीगण उपस्थित थे। बैठक की शुरुआत करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विजय चंद्रा ने मॉनिटरिंग सेल की पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों की प्रगति रिपोर्ट पर संक्षिप्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि न्यायालयीन व्यवस्थाओं और जिला स्तर पर चल रहे विकास कार्यों के बीच समन्वय बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है ताकि जनहित से जुड़े कार्य समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूर्ण हों। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन मामलों में देरी हो रही है, उन पर शीघ्रता के साथ कार्य करके समस्याओं के निदान हेतु आवश्यक समन्वय सुनिश्चित किया जाए। बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई जिसमें विशेष रूप से लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित एवं निर्माणाधीन सड़क, पुल और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनए शामिल रही। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री चंद्रा ने लोक निर्माण विभाग के ईई श्री आदित्य सोनी एवं उनके अधीनस्थ कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि श्री सोनी ने विधिक और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समय पर महत्वपूर्ण अवसंरचना कार्यों को प्राथमिकता दी है, जिससे जनता को राहत मिली है और न्यायालयीन मामलों में भी सुविधा बनी है। बैठक के दौरान प्रधान न्यायाधीश श्री चंद्रा ने कहा कि प्रत्येक बुजुर्ग को सम्मान पूर्वक जीने का एवं उनकी देखरेख उनके वारिसों द्वारा किया जाना उनका कानूनी अधिकार है। दतिया जिले के बुजुर्गो के लिए जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाये जिससे बुजुर्गो को अपने मूलभूत अधिकारों का ज्ञान हो। उन्होंने लोक अदालत को और अधिक सफल बनाने के उद्देश्य से न्यायायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों को आपसी सम्न्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश भी दिए। बैठक के अंत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री चंद्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि 21 अगस्त से 23 अगस्त से तीन दिवसीय विशेष लोक अदालत का आयोजन मान्नीय सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली द्वारा किया जा रहा है। जिसमें पक्षकारों की सहमति से बैकिंग, सिविल, मोटर दुर्घटना, उपभोक्ता विवाद, रेरा, पारीवारिक विवाद, भूमि अधिग्रहण, किराया नियंत्रण, श्रम एवं औधोगिक विवाद, स्थानांतरण याचिकाएं, आबीट्रेशन प्रकरण, पारीवारिक विवाद जैसे प्रकरणों का निराकरण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि पक्षकार विधिक सेवा प्राधिकरण की बेवसाईट पर चिन्हित प्रकरणों की सूची देख सकते है। यदि किसी का केस चिन्हित नहीं है तो वह व्यक्ति 31 मई 2026 तक प्रकरण से संबंधित वंछित विवरण गूगल लिंक Https://forms.gle/pRWbif6wAPregMsZ8 के माध्यम से भरकर अपना केस विशेष लोक अदालत के लिए रेफर करवा सकता है। उन्होंने बताया कि पक्षकार या अधिवक्ता अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में जाकर सम्पर्क कर सकते है।