क्षेत्रीय
17-May-2026
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वाराणसी (ईएमएस)। पुरुषोत्तम मास में एक माह तक चलने वाली पंचकोशीय पदयात्रा के मद्देनजर वाराणसी जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने रामेश्वरम जाकर पंचकोशी यात्रा से जुड़ी समस्त तैयारियों की समीक्षा की। इस कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी इत्यादि वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वरिष्ठ अधिकारियों ने व्यवस्था से जुड़े समस्त अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचकोशी यात्रा से जुड़ी समस्त व्यवस्थाएं सोमवार तक चाक चौबंद कर ली जाए, दुरुस्त कर ली जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि वरुणा में व्याप्त गंदगी मच्छरदानी से छान कर साफ किया जाय और पंचकोशी यात्रा के यात्री जिस रास्ते से गुजर रहे हों वहां साफ -सफाई, पेयजल व्यवस्था, वहां उनके ठहरने का उचित टीन सेड व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था इत्यादि सुनिश्चित करायी जाय । वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्देश दिया कि जहां भी पंचकोश यात्री ठहरें उन धर्मशालाओं के पास मेडिकल टीम, स्वच्छता की व्यवस्था, फायर ब्रिगेड, हवा के लिए कूलर - पंखा इत्यादि व्यवस्था सुनिश्चित कराये, जिससे कि उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो। इस पुरुषोत्तम मास में मणिकर्णिका घाट से रामेश्वरम तक पंचकोशी यात्रा की जाती है जिसमें कर्मदेश्वर महादेव कंदवा ,भीमचंडी, शिवपुर, कपिलधारा रामेश्वरम इत्यादि ठहरने के पांच प्रमुख पड़ाव है तथा इन स्थानों पर पंचकोश यात्रियों को रात्रि विश्राम के लिए धर्मशालाएं भी पहले से बनाई गई हैं। इस बार जिला प्रशासन द्वारा कई रात्रि विश्राम पड़ाओं को बिल्कुल भगवा रंग में सजाया गया है। शिवपुर के पंचकोश यात्री भग्गन बताते हैं कि पुराणों में ऐसी मान्यता है कि भगवान राम राजगद्दी पर बैठने के पहले सीता जी के साथ इन्हीं प्रमुख पड़ाओं पर होते हुए पंच कोश यात्रा की थी। इन प्रमुख पड़ावों पर कई स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा यात्रियों के लिए जल -जलपान तथा चाय -पान इत्यादि की भी व्यवस्था की जाती है। इस पंच कोश यात्रा में सिर्फ उत्तर प्रदेश के ही नहीं बल्कि कभी-कभी देखा गया है कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड इत्यादि राज्यों के भी श्रद्धालु पदयात्रा करने के लिए काशी आते हैं। डॉ नरसिंह राम / ई एम एस /17 मई, 2026