क्षेत्रीय
20-May-2026
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शाजापुर (ईएमएस) । ई-फार्मेसी (ऑनलाइन दवा बिक्री) कंपनियों की मनमानी और भारी छूट के कारण संकट में आए छोटे दवा व्यापारियों के अस्तित्व को बचाने के लिए बुधवार को शाजापुर जिले के केमिस्ट लामबंद हो गए। ई-फार्मेसी के बढ़ते चलन और इससे जनस्वास्थ्य को होने वाले खतरों के विरोध में शाजापुर जिला केमिस्ट एसोसिएशन ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। इस दौरान जिलेभर के मेडिकल स्टोर पूर्णतः बंद रहे, जिससे शहर में दवाइयों का कारोबार तरह थमा रहा। हालांकि निजी अस्पतालों के मेडिकल और जन औषधि केंद्र खुले रहे। बुधवार को हड़ताल के दौरान दवा व्यापारियों ने एकजुट होकर कलेक्ट्रेट कार्यालय तक मार्च किया और एसडीएम मनीषा वास्कले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से दवा व्यापारियों ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि इंटरनेट के जरिए बिना किसी वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवाइयों की धड़ल्ले से बिक्री और होम डिलीवरी हो रही है। एसोसिएशन का स्पष्ट कहना है कि दवाइयों की इस तरह अनियंत्रित डिलीवरी से जनस्वास्थ्य पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इससे नशीली या साइड-इफेक्ट वाली दवाइयों के गलत इस्तेमाल की आशंका बनी रहती है। दवा विक्रेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा ग्राहकों को लुभाने के लिए भारी छूट (डीप डिस्काउंटिंग) दी जा रही है। इन बड़ी कंपनियों की इस प्रीडेटरी प्राइसिंग नीति के कारण स्थानीय, छोटे और लाइसेंसधारी केमिस्टों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कानून में प्रावधान नहीं, फिर भी हो रही बिक्री केमिस्ट एसोसिएशन ने कानूनी खामियों का हवाला देते हुए बताया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 और नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद कई ऑनलाइन कंपनियां लंबे समय से अवैध रूप से दवाओं की बिक्री कर रही हैं। ज्ञापन में मांग की गई कि ऑनलाइन कंपनियों की डीप डिस्काउंटिंग और प्रीडेटरी प्राइसिंग नीति पर तुरंत रोक लगाई जाए, बिना सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवा बिक्री और होम डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। शाजापुर जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंदल ने बताया कि यह एक दिवसीय हड़ताल ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स और मध्यप्रदेश केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के प्रांतीय आह्वान पर आयोजित की गई थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार छोटे व्यापारियों के हितों की अनदेखी करती है, तो आगामी समय में संगठन कड़े कदम उठाने को विवश होगा। ईएमएस / 20/05/2026