जबलपुर, (ईएमएस)। देशभर में चर्चित नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों और युवाओं में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को जबलपुर में भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ता जबलपुर-आधारताल रेलवे ट्रैक पर उतर गए और भोपाल जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस को रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। “प्रधानमंत्री वीक है, तभी तो पेपर लीक है” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन की सूचना मिलते ही आरपीएफ और आधारताल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने समझाइश के बाद प्रदर्शनकारियों को ट्रैक से हटाया और कुछ देर तक रुकी ट्रेन को पुनः रवाना कराया। इसके बाद रेलवे यातायात बाधित करने के मामले में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ की गई। यह प्रदर्शन युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया के नेतृत्व में आयोजित किया गया। यश घनघोरिया ने कहा कि इस वर्ष आयोजित नीट परीक्षा में लगभग 22 लाख 80 हजार छात्रों ने भाग लिया। इनमें से अधिकांश छात्रों ने डॉक्टर बनने के सपने के साथ दिन-रात मेहनत की थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों ने उनकी वर्षों की तैयारी और मेहनत पर पानी फेर दिया। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों ने अपने भविष्य के लिए कठिन परिश्रम किया, लेकिन परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार और सरकार की लापरवाही ने उनके सपनों को झटका दिया है। इस अवसर पर शहर अध्यक्ष सतेंद्र (सोनू) कुकरेले, सागर शुक्ला, मोंटी वंशकार, राजा रैकवार, अभ्युत बाजपेयी, मोनू जायसवाल, ऋतिक रजक, ललित सोनी, ओवेस अंसारी, अंकुर गुप्ता, शिशांत सिंह ठाकुर, नितिन सिंह, संदीप शर्मा, भानु यादव, शिवम् यादव, सुदीप अग्रहरी, यावर चौधरी, आजम खान, आमिर पहलवार, मोंटी वंशकार, संजय अहिरवार, शिवम हल्कदार, समीर गढ़वाल, नीलेश जैन नीटू, अदनान अंसारी, वरुण यादव, आयुष लाला, नयन रजक, नितिन सिंह, अभिषेक तिवारी, शादाब मंसूरी, राहुल तिवारी, सौरभ अहिरवार, मोहित ठाकुर, प्रहलाद गोस्वामी, अक्षय विनोदिया, प्रवीण चौधरी, राजेश केसरवानी, अदील अहमद और नयन गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू.. रेलवे ट्रैक पर उतरकर ट्रेन रोकने को गंभीर मामला मानते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार रेलवे संचालन में बाधा डालना दंडनीय अपराध है और संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया जा सकता है।