- आदिम जाति कल्याण विभाग पर भेदभाव का आरोप, अन्य जिलों के उदाहरण देकर उठाई आवाज गुना (ईएमएस)। पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे छात्रों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचकर छात्रावास नवीनीकरण की मांग को लेकर आवेदन सौंपा। छात्रों ने आरोप लगाया कि आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है और पोस्ट ग्रेजुएशन के बावजूद छात्रावास में रहने की अनुमति नहीं दी जा रही है। छात्रों द्वारा दिए गए आवेदन में बताया गया कि वे पहले भी इस संबंध में प्रशासन को आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। छात्रों का कहना है कि प्रदेश के अन्य जिलों और कई छात्रावासों में पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले छात्र-छात्राओं को छात्रावास में रहने की अनुमति दी जा रही है। उदाहरण के तौर पर अशोकनगर के कन्या छात्रावास, गुना के ओबीसी छात्रावास सहित अन्य जिलों के छात्रावासों का उल्लेख किया गया। आवेदन में यह भी बताया गया कि वर्तमान छात्रावास में एमएससी और एमए कर रहे छात्र निवास कर रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें 30 मई 2026 तक छात्रावास खाली करने के आदेश दिए गए हैं। छात्रों ने इसे असमानता पूर्ण व्यवहार बताते हुए प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। छात्रों ने जिलाधीश से आग्रह किया कि पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे विद्यार्थियों का छात्रावास में नवीनीकरण कराया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से स्वयं छात्रावास का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति देखने की भी मांग की। - सीताराम नाटानी