नई दिल्ली (ईएमएस)। घर, दफ्तर, मॉल और सार्वजनिक स्थानों पर लोग अब सीढ़ियों की जगह लिफ्ट और एस्केलेटर का अधिक उपयोग करने लगे हैं। आधुनिक जीवनशैली में लोगों की निर्भरता मशीनों और सुविधाओं पर लगातार बढ़ती जा रही है। इसका सबसे बड़ा असर शारीरिक गतिविधियों पर दिखाई दे रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे शरीर के लिए नुकसानदायक मानते हैं। नेशनल हेल्थ मिशन ने लोगों को फिट और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए सीढ़ियों के उपयोग की आदत विकसित करने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए बड़ी नहीं बल्कि छोटी-छोटी आदतें महत्वपूर्ण होती हैं। यदि लोग रोजमर्रा की जिंदगी में लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का उपयोग करना शुरू कर दें तो इससे शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं। यह एक आसान लेकिन प्रभावी शारीरिक गतिविधि है, जिसे बिना किसी उपकरण और अतिरिक्त समय के अपनाया जा सकता है। नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार नियमित रूप से सीढ़ियां चढ़ना शरीर को सक्रिय बनाए रखने में मदद करता है। इससे पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और शरीर की सहनशक्ति बढ़ती है। सीढ़ियां चढ़ने से कैलोरी तेजी से खर्च होती है, जिससे वजन नियंत्रित रखने में सहायता मिलती है। इसके अलावा यह हृदय को स्वस्थ बनाए रखने और रक्तचाप को संतुलित रखने में भी लाभकारी माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सीढ़ियां चढ़ना एक प्रकार का कार्डियो व्यायाम है, जो शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है। इससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर सुधरता है और व्यक्ति पूरे दिन अधिक ऊर्जावान महसूस करता है। नियमित रूप से सीढ़ियां चढ़ने की आदत तनाव कम करने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी सहायक हो सकती है। यह शरीर को सक्रिय रखने के साथ-साथ मूड को भी सकारात्मक बनाती है। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि सीढ़ियों का उपयोग करने से हड्डियां मजबूत होती हैं और सांस संबंधी समस्याओं में भी राहत मिलती है। जो लोग लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, उनके लिए यह आदत विशेष रूप से फायदेमंद साबित हो सकती है। ऑफिस या घर में कुछ मंजिल तक सीढ़ियां चढ़ना भी शरीर को पर्याप्त गतिविधि प्रदान करता है। नेशनल हेल्थ मिशन ने लोगों से अपील की है कि जहां संभव हो वहां लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें। शुरुआत में कम मंजिल तक सीढ़ियां चढ़ने की आदत डालकर धीरे-धीरे इसे बढ़ाया जा सकता है। सुदामा/ईएमएस 28 मई 2026