- जानिए इस्लाम में इस मुकद्दस त्योहार की वो 4 अहम बातें जो सिखाती हैं इंसानियत गुना (ईएमएस)। भाईचारे, त्याग और समर्पण का प्रतीक मुकद्दस त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) जिला मुख्यालय सहित पूरे अंचल में अकीदत, अदब और बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। गुरुवार सुबह से ही शहर की तमाम मस्जिदों और ईदगाहों पर मजहबी उल्लास का माहौल नजर आया। त्योहार की मुख्य नमाज सुबह 7:30 बजे मुख्य ईदगाह पर अदा की गई, जिसके बाद ईदगाह बाड़ी स्थित बड़ी ईदगाह पर सुबह 9:30 बजे हजारों अकीदतमंदों ने अल्लाह की बारगाह में सिर झुकाया। नमाज के मुकम्मल होने के बाद इमाम साहब के नेतृत्व में सामूहिक रूप से बारगाह-ए-इलाही में हाथ उठाकर मुल्क और सूबे की तरक्की, आपसी सौहार्द, अमन-चैन और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। जैसे ही नमाज संपन्न हुई, पूरा परिसर ईद मुबारक की सदाओं से गूंज उठा। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी। त्योहार की सबसे खूबसूरत झलक घरों में देखने को मिली, जहां बुजुर्गों ने बच्चों को प्यार दुलार के साथ ईदी (उपहार या नगद राशि) बांटकर उनके चेहरों पर खुशियां बिखेर दीं। गुना शहर और आसपास के इलाकों में कैंट मस्जिद, ईदगाह बाड़ी स्थित बड़ी ईदगाह और हड्डी मील सहित करीब 12 से ज्यादा चिन्हित मस्जिदों और मैदानों में नमाज की विशेष व्यवस्था की गई थी, जहां अकीदतमंदों का जनसैलाब उमड़ा। बड़ी ईदगाह में सुन्नी मस्जिद के पेश इमाम ने नमाज मुकम्मल कराई और खुतबा (धार्मिक प्रवचन) पढ़ते हुए इंसानियत व भाईचारे का संदेश दिया। त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन मुस्तैद रहा। सुरक्षा के कड़े पहरे के बीच, एक दिन पहले बुधवार की रात को ही आला अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस बल ने शहर के संवेदनशील और प्रमुख मार्गों पर फ्लैग मार्च निकालकर सुरक्षा का भरोसा दिलाया था। - सीताराम नाटानी