बालाघाट (ईएमएस). जिले के ग्राम पंचायत टेकाड़ी अंतर्गत ग्राम केरा एवं पीपरटोला इन दिनों जनजातीय पर्यटन की अनूठी पहचान बनकर उभर रहे हैं। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड भोपाल के मार्गदर्शन में संचालित जनजातीय पर्यटन परियोजना के तहत यहां दो दिवसीय अध्ययन भ्रमण एवं एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें महाराष्ट्र के अमरावती, भंडारा, यवतमाल एवं अहल्यानगर जिलों से आए 31 हितग्राहियों एवं शबरी आदिवासी वित्त विकास महामंडल नासिक के पदाधिकारियों ने भाग लिया। ग्राम पर्यटन समितियों द्वारा मेहमानों का पारंपरिक तरीके से पुष्पमाला एवं तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया। ग्रामीण परिवेश, प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति से भरपूर इस आयोजन ने आगंतुकों को विशेष रूप से आकर्षित किया। ग्राम केरा एवं पीपरटोला में स्थापित 8 होम-स्टे में मेहमानों के ठहरने की व्यवस्था की गई, जिससे स्थानीय होम-स्टे संचालकों एवं ग्राम समितियों को आर्थिक लाभ भी प्राप्त हुआ। अध्ययन भ्रमण के दौरान आगंतुकों को जनजातीय संस्कृति और ग्रामीण जीवनशैली से रू-ब-रू कराया गया। लोक नृत्य, भजन मंडली, नौका विहार, जंगल ट्रैकिंग, बैलगाड़ी सवारी और स्थानीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मेहमानों का मन मोह लिया। सुबह 5 बजे आयोजित जंगल एवं जलाशय ट्रैकिंग के दौरान आगंतुकों ने प्राकृतिक वातावरण का आनंद लिया तथा सातनारी वॉटरफॉल की मनमोहक छटा को करीब से देखा। परियोजना के माध्यम से ग्रामीणों को स्वरोजगार और पर्यटन आधारित आजीविका के नए अवसर मिल रहे हैं। स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक धरोहर को पर्यटन से जोडऩे की यह पहल गांवों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इस अवसर पर जिला पुरातत्व एवं पर्यटन समिति के नोडल अधिकारी विकास रघुवंशी, ग्राम पंचायत टेकाड़ी की सरपंच रश्मि तारा कावरे, ग्राम पर्यटन समिति पीपरटोला-टेकाड़ी के अध्यक्ष राजेन्द्र सोनी सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।