नई दिल्ली (ईएमएस)। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (आईआईएफसीएल) ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपने मुनाफे में 57 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की है, जो 1,379 करोड़ रुपए रहा। हालांकि, कंपनी ने इसी अवधि में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए रिकॉर्ड-तोड़ स्वीकृतियां और वितरण कर देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को बनाए रखा है। वित्त वर्ष 2024-25 में 2,165 करोड़ रुपए के मुनाफे की तुलना में आईआईएफसीएल का लाभ उल्लेखनीय रूप से गिरा है। इसके बावजूद, कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 57,680 करोड़ रुपए की अब तक की सर्वाधिक मंजूरी दी, जो पिछले वित्त वर्ष से लगभग 13 प्रतिशत अधिक है। आईआईएफसीएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस अवधि में वितरण भी 16 प्रतिशत बढ़कर 32,972 करोड़ रुपए हो गया, जिससे देश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण को मजबूत गति मिली। 31 मार्च 2026 तक, आईआईएफसीएल का एकल आधार ऋण पोर्टफोलियो लगभग 17 प्रतिशत बढ़कर 81,715 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जो कंपनी की बढ़ती पहुंच और बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, भले ही उसके लाभ में कमी आई हो। सतीश मोरे/30मई ---