अंतर्राष्ट्रीय
30-May-2026
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अपने ही न्यायालय पर भड़क उठे अमेरिकी राष्ट्रपति वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी राजनीति में डोनाल्ड ट्रंप और विवादों का रिश्ता बेहद पुराना रहा है, लेकिन इस बार का टकराव किसी चुनावी रैली या राजनीतिक विरोधी से नहीं, बल्कि देश की न्यायपालिका और एक बेहद प्रतिष्ठित सांस्कृतिक संस्थान से जुड़ा है। वाशिंगटन स्थित ऐतिहासिक जॉन एफ. केनेडी सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स से अपना नाम जोड़ने के फैसले को एक संघीय जज द्वारा रद्द किए जाने के बाद डोनाल्ड ट्रंप बुरी तरह भड़क उठे हैं। अदालत ने न केवल नाम बदलने की योजना को खारिज किया, बल्कि इस सांस्कृतिक केंद्र के आधुनिकीकरण और मरम्मत के लिए इसे अस्थायी रूप से बंद करने के प्रस्ताव पर भी रोक लगा दी है। इस फैसले को ट्रंप ने अपने खिलाफ न्यायपालिका की एक और बड़ी साजिश करार दिया है। इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब केनेडी सेंटर के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने संस्थान के नाम के साथ डोनाल्ड ट्रंप का नाम जोड़ने का एक बड़ा निर्णय लिया था। इसके साथ ही, जर्जर हो चुकी इमारत की व्यापक मरम्मत के लिए इसे दो साल तक पूरी तरह बंद रखने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया था। हालांकि, अमेरिकी जिला जज क्रिस्टोफर कूपर ने इस योजना को पूरी तरह पलट दिया। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि संघीय कानून के तहत इस संस्थान का नामकरण पहले से तय है और इसमें किसी भी तरह का बदलाव करने का अधिकार केवल अमेरिकी कांग्रेस के पास सुरक्षित है। जज कूपर ने अपने आदेश में लिखा कि बोर्ड ने राष्ट्रपति ट्रंप के नाम पर केनेडी सेंटर का नाम बदलने का प्रयास करके अपने वैधानिक अधिकारों की सीमा का खुले तौर पर उल्लंघन किया है। इस अदालती फैसले के तुरंत बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक लंबी और तीखी पोस्ट लिखकर अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की। ट्रंप ने दावा किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका के इतिहास में आज तक किसी भी राष्ट्रपति के साथ अदालतों ने इतना अनुचित और अन्यायपूर्ण व्यवहार नहीं किया है, जितना उनके साथ किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालतें लगातार उनके देशहित के एजेंडे को रोकने की कोशिशों में जुटी हुई हैं। ट्रंप ने संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रमुख भवन और निर्माण विशेषज्ञों ने खुद जज कूपर को सूचित किया था कि केनेडी सेंटर की इमारत वर्तमान में संरचनात्मक रूप से बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच चुकी है। इसकी बीम सड़ चुकी हैं, पार्किंग क्षेत्र ढहने की कगार पर है और वहां जीवन सुरक्षा से जुड़े कई बड़े खतरे मौजूद हैं। ट्रंप ने तीखी टिप्पणी करते हुए लिखा कि इन तमाम सुरक्षा चिंताओं के बावजूद जज प्रभावित नहीं हुए और इमारत को खुला रखने का आदेश दे दिया, जिसके लिए जज क्रिस्टोफर कूपर को खुद पर शर्म आनी चाहिए। अदालत के इस कड़े रुख से नाराज होकर ट्रंप ने अब इस संस्थान की पूरी जिम्मेदारी वापस कांग्रेस को सौंपने के संकेत दिए हैं। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कट्टर वामपंथी डेमोक्रेट्स इस मरते हुए कला संस्थान को बचाने के बजाय केवल अपने पसंदीदा राष्ट्रपति का विरोध करने में रुचि रखते हैं। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने वाणिज्य विभाग को आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दे दिया है ताकि केनेडी सेंटर का संचालन, रखरखाव और वित्तीय प्रबंधन पूरी तरह से कांग्रेस के अधीन किया जा सके। ट्रंप की इस आक्रामक प्रतिक्रिया ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रपति की शक्तियों और संघीय संस्थानों पर नियंत्रण को लेकर शुरू हुई यह कानूनी और राजनीतिक लड़ाई आने वाले दिनों में और ज्यादा तेज होने वाली है। वीरेंद्र/ईएमएस/30मई 2026