क्षेत्रीय
30-May-2026
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- सिंधिया, तोमर और राजपूत को आड़े हाथों लेकर बोले- अक्षम लोग तुरंत खाली करें कुर्सी - बिजली कटौती पर भड़के विधायक पन्नालाल शाक्य, सिंधिया, ऊर्जा मंत्री और प्रभारी मंत्री पर साधा निशाना - अफसरों से कहा- अपने अधीनस्थों के नट-बोल्ट कसो, नाकारा मंत्रियों को हटाओ गुना (ईएमएस)।शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर शनिवार को गुना विधायक पन्नालाल शाक्य का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ बिजली कंपनी कार्यालय पहुंचे विधायक ने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई और बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई। इस दौरान उन्होंने बिजली कंपनी के महाप्रबंधक को अपने अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों के “नट-बोल्ट टाइट” करने की हिदायत दी, वहीं अपनी ही सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तक को निशाने पर ले लिया। बिजली कंपनी कार्यालय में अधिकारियों से चर्चा के दौरान विधायक ने कहा कि शहर और गांवों में अघोषित बिजली कटौती से जनता त्रस्त है। किसान फसल बचाने के लिए बिजली की गुहार लगाते रहे, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आंधी, हवा और तकनीकी खराबी जैसे बहाने अब नहीं चलेंगे। यदि व्यवस्थाएं चरमराई हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों को उन्हें सुधारना होगा। उन्होंने महाप्रबंधक से साफ शब्दों में कहा कि अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के नट-बोल्ट कसिए और ऐसी कार्यप्रणाली विकसित कीजिए जिससे जनता को राहत मिल सके। विधायक शाक्य ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश को दिखावा करने वाले जनसेवक नहीं, बल्कि परिणाम देने वाले मंत्री चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई कभी बिजली के खंभे पर चढ़ जाता है, कभी नाली में उतर जाता है और मंचों पर प्रदर्शन करता है, लेकिन इससे जनता की समस्याएं दूर नहीं होतीं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री से मिलकर ऐसे नाकारा मंत्रियों को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग करेंगे, जो विभाग संभालने में सक्षम नहीं हैं और जिनकी वजह से सरकार की छवि खराब हो रही है। खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष एवं जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर भी विधायक ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने एक पुराना प्रसंग सुनाते हुए कहा कि हवाई पट्टी पर प्रभारी मंत्री ने उन्हें किनारे होने के लिए कहा था। विधायक ने कहा कि वे किसी की कृपा से नहीं, बल्कि जनता के वोटों से चुनाव जीतकर आए हैं और जनता के हितों से समझौता नहीं करेंगे। अधिकारियों द्वारा यह कहे जाने पर कि गुना ही नहीं, ग्वालियर सहित अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी ही स्थिति है, विधायक ने दो टूक जवाब दिया कि उन्हें ग्वालियर से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर चाहे किसी की राजधानी हो, लेकिन वे गुना की जनता के प्रतिनिधि हैं और उन्हें केवल गुना के लोगों की चिंता है। विधायक ने अधिकारियों को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि बिजली कुप्रबंधन के कारण सरकार की बदनामी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता को राहत देने के लिए आवश्यक प्रशासनिक बदलाव, जवाबदेही तय करने और व्यवस्था सुधारने के कदम तत्काल उठाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो वे इस मुद्दे को मुख्यमंत्री स्तर तक ले जाएंगे और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। - सीताराम नाटानी