01-Jun-2026
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पीएम मोदी ने एक्स पर साझा किया संदेश नई दिल्ली(ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संयुक्त क्रिया (कम्पाउंड वर्ब) के महत्व को रेखांकित करते हुए एक ज्ञानवर्धक संस्कृत सुभाषित साझा किया। प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा कि कंपाउंड वर्ब का अर्थ एक शब्द की विशेषता को उससे जुड़े दूसरे शब्द में स्थानांतरित करना या जोड़ना होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस व्यक्ति में स्वयं की निपुणता और दूसरों को सिखाने की क्षमता दोनों गुण मौजूद हों, उसे ही शिक्षक के कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से करना चाहिए। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने संस्कृत का श्लोक शेयर किया जिसका भावार्थ है कि कुछ लोग स्वयं किसी कार्य को करने में बेहद निपुण होते हैं, जबकि कुछ अन्य लोग उस ज्ञान या कौशल को दूसरों तक बहुत प्रभावी ढंग से पहुंचाने की विशेष योग्यता रखते हैं। जिस व्यक्ति में ये दोनों गुण—अर्थात स्वयं की कुशलता और दूसरों को सिखाने की उत्तम क्षमता—निहित हों, उसे ही सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों की श्रेणी में सबसे अग्रणी स्थान दिया जाना चाहिए। इससे पहले भी प्रधानमंत्री ने निरंतर सुभाषितों के माध्यम से देशवासियों को प्रेरित किया है। उन्होंने विनम्रता, क्षमाशीलता और उत्तम आचरण को लेकर एक श्लोक साझा करते हुए लिखा था कि ये गुण ही मानव व्यक्तित्व के सच्चे आभूषण हैं। इन जीवन मूल्यों के साथ ही आज देशवासी विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में निरंतर जुटे हुए हैं। उन्होंने गीता के श्लोक तेजः क्षमा धृतिः शौचमद्रोहो नातिमानिता। भवन्ति सम्पदं दैवीमभिजातस्य भारत।। के माध्यम से बताया कि तेजस्विता, क्षमाशीलता, अदम्य धैर्य, आचरण की पवित्रता, राष्ट्र के प्रति निष्कपट भाव और अहंकाररहित व्यक्तित्व ही दैवी संपदा को प्राप्त महान चरित्र के लक्षण हैं। इसी कड़ी में महान क्रांतिकारी और प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक वीर सावरकर की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए प्रधानमंत्री ने उनकी वीरता और बौद्धिकता को याद किया था। वीरेंद्र/ईएमएस/01जून2026