-सबसे लंबे समय तक लगातार पीएम पद पर बने रहने वाले बन जाएंगे नेता नई दिल्ली,(ईएमएस)। पीएम नरेंद्र मोदी 10 जून को भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय रचने जा रहे हैं। इस ऐतिहासिक दिन पर, वे स्वतंत्र भारत के इतिहास में लोकसभा चुनाव जीतकर सबसे लंबे समय तक लगातार पीएम पद पर बने रहने वाले नेता बन जाएंगे। इस उपलब्धि के साथ, नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का 72 साल पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ देंगे, जो कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश हो सकता है। जवाहरलाल नेहरू 13 मई, 1952 को पहले आम चुनाव में कांग्रेस की शानदार जीत के बाद देश के पहले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने थे। उन्होंने 27 मई, 1964 को अपने निधन तक लगातार पद संभाला, और इस अवधि में उनका कार्यकाल कुल 4,397 दिनों का रहा। यह रिकॉर्ड अब तक भारत के किसी भी निर्वाचित प्रधानमंत्री द्वारा लगातार पद पर बने रहने का सबसे लंबा समय था। वहीं, नरेंद्र मोदी ने 26 मई, 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। यदि वे अपना वर्तमान कार्यकाल पूरा करते हैं, तो 9 जून, 2026 को उनका कार्यकाल भी 4,397 दिनों का हो जाएगा, जो नेहरू के रिकॉर्ड के ठीक बराबर होगा। इसके ठीक अगले दिन, यानी 10 जून, 2026 को, प्रधानमंत्री मोदी का कार्यकाल 4,398 दिनों का हो जाएगा। इसी के साथ वे निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे समय तक लगातार पद पर बने रहने वाले पहले नेता बन जाएंगे, एक ऐसा कीर्तिमान जो पहले कभी किसी ने नहीं बनाया। पिछले कुछ वर्षों में, प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस काल के कई बड़े राजनीतिक रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। जुलाई 2025 में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लगातार 4,077 दिनों तक प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया था। उस समय, वे लगातार कार्यकाल के मामले में नेहरू के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गए थे, और अब वे नेहरू के इस विशिष्ट रिकॉर्ड को भी पार करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, कुल प्रधानमंत्री कार्यकाल के मामले में जवाहरलाल नेहरू अभी भी पहले स्थान पर बने हुए हैं। नेहरू 15 अगस्त, 1947 को स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री बने थे और 27 मई, 1964 तक इस पद पर रहे। इस प्रकार, उनका कुल कार्यकाल लगभग 6,131 दिनों का रहा, जो आज भी भारत में किसी भी प्रधानमंत्री का सबसे लंबा कार्यकाल है। यह महत्वपूर्ण है कि 15 अगस्त, 1947 को भारत की स्वतंत्रता के समय देश में संविधान लागू नहीं हुआ था और न ही स्वतंत्र भारत के लिए कोई आम चुनाव हुआ था। 1946 में ब्रिटिश सरकार द्वारा संविधान सभा के गठन की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसके बाद कांग्रेस ने जवाहरलाल नेहरू को अपना नेता चुना। इन ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ-साथ, पीएम मोदी ने एक और अहम कीर्तिमान अपने नाम किया है। वे लगातार तीसरी बार बहुमत से सत्ता में लौटने वाले पहले गैर-कांग्रेसी पीएम बने हैं। उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज कर तीसरी बार पीएम का पद संभाला, जो स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक अद्वितीय राजनीतिक उपलब्धि है। सिराज/ईएमएस 06 जून 2026