07-Jun-2026
...


- नेपाली नौकरों के गिरोह ने नशीला पदार्थ देकर लूटा था 60 तोला सोना, 15 किलो चांदी - 4 मुख्य आरोपी गिरफ्तार हैदराबाद (ईएमएस)। शहर की मलकाजगिरी पुलिस ने एक बुजुर्ग दंपती के घर हुई सनसनीखेज डकैती के मामले का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों के पास से लूटा गया कुछ कीमती सामान भी बरामद किया है। यह खौफनाक वारदात बीती 12 मई को जवाहरनगर थाना क्षेत्र के कौकूर स्थित गोल्फ एन्क्लेव में अंजाम दी गई थी। मामले को लेकर 68 वर्षीय अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ मुरली मोहन नरसिपुरम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके ही घरेलू नौकरों ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस बड़ी डकैती को अंजाम दिया। गिरोह ने बुजुर्ग दंपती को बंधक बनाकर पहले उन्हें कोई नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश किया और फिर घर में रखा 60 तोला सोना, 15 किलो चांदी, 3,000 अमेरिकी डॉलर और दो मोबाइल फोन लूटकर रफूचक्कर हो गए थे। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि डकैती की मास्टरमाइंड मीना और मुख्य आरोपी राजेश नेपाली नागरिक हैं, जो पिछले कई वर्षों से भारत के अलग-अलग हिस्सों में काम कर रहे थे। पुलिस आयुक्त बी. सुमति के अनुसार, मीना ने ही अपनी सहयोगी सबीना उर्फ सुनीता को इस घर में घरेलू सहायिका (मेड) के रूप में काम पर रखवाया था। इसके बाद राजेश को सबीना का पति बताकर बीती 25 अप्रैल को उसी घर में काम पर लगवा दिया गया। अपार्टमेंट के नौकरों के क्वार्टर में रहने के दौरान इस शातिर गिरोह ने कई दिनों तक बुजुर्ग दंपती की हर छोटी-बड़ी दिनचर्या और हरकतों पर पैनी नजर रखी। वारदात की पूरी स्क्रिप्ट 11 मई की रात को लिखी गई, जब सबीना का जन्मदिन मनाने के बहाने गिरोह के सभी सदस्य एक जगह इकट्ठा हुए थे। योजना के मुताबिक, वारदात के वक्त घर के अंदर राजेश, सबीना, मीना, डेनियल चारोह उर्फ चांग और सम्राट घुस गए, जबकि बिस्वाल, कमल बहादुर चलाउने, जानकर बहादुर चलाउने उर्फ शंकर और किरण बाहर रहकर रेकी कर रहे थे और सुरक्षा पर नजर रखे हुए थे। डकैती की वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी ऑटो और स्कूटर से फरार हो गए, बाद में उन्होंने स्कूटर को यापराल इलाके में लावारिस छोड़ दिया। इस हाई-प्रोफाइल मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने तुरंत छह विशेष टीमों का गठन किया। तफ्तीश के दौरान पुलिस टीमों ने करीब 255 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और कई तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। इसी कड़ी में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी और सिकंदराबाद के राठीफाइल बस स्टेशन के पास से घेराबंदी करके सबीना, बिस्वाल, कमल बहादुर और जानकर बहादुर को धर-दबोचा गया, जबकि गिरोह के बाकी फरार सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है। - ईएमएस 07 जून 2026