- वैश्विक संकेत और रुपए की मजबूती पर भी रहेगी निवेशकों की रहेगी नजर मुंबई (ईएमएस)। घरेलू शेयर बाजारों में बीते सप्ताह गिरावट दर्ज किए जाने के बाद इस सप्ताह निवेशकों की नजर शुक्रवार को जारी हुए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों के असर पर टिकी रहेगी। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते, वैश्विक संकेतों और घरेलू बैंकिंग सेक्टर की चाल इस सप्ताह बाजार की दिशा निर्धारित करेगी। जीडीपी के आंकड़े शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद जारी किए गए थे, जिसके चलते इनका वास्तविक असर सोमवार को बाजार खुलने पर देखने को मिलेगा। विश्लेषकों के अनुसार इस सप्ताह बाजार की दिशा कई घरेलू और वैश्विक कारकों से तय होगी। सबसे पहले अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते पर निवेशकों की करीबी नजर रहेगी। यदि इस दिशा में कोई सकारात्मक प्रगति होती है, तो कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आ सकती है, जिसे भारतीय बाजार के लिए एक शुभ संकेत माना जाएगा। इसके अतिरिक्त अमेरिकी बाजारों की चाल व्यापक वैश्विक रुझान, रुपये की मजबूती और विदेशी निवेशकों का रुख भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एक सकारात्मक संकेत के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की हालिया नीति के बाद बैंकिंग शेयरों में मजबूती देखने को मिली है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में बैंक निफ्टी निफ्टी के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। उन्होंने बताया कि बैंक निफ्टी 54,400 के स्तर से ऊपर बंद हुआ है, जिसे तकनीकी रूप से एक महत्वपूर्ण ब्रेकआउट जोन माना जा रहा है। वहीं निफ्टी के लिए 23,100-23,150 का स्तर मजबूत सपोर्ट का काम कर सकता है। फिलहाल बाजार में बड़ी गिरावट की आशंका कम दिख रही है। विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे घबराने के बजाय गुणवत्ता वाले शेयरों में चरणबद्ध तरीके से खरीदारी के अवसर तलाशें। सरकार की तरफ से भी भविष्य में कुछ सकारात्मक कदम देखने को मिल सकते हैं, जो बाजार को और मजबूती प्रदान करेंगे। सतीश मोरे/07जून ---