क्षेत्रीय
07-Jun-2026
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भागलपुर, (ईएमएस)। पूर्वी बिहार की जीवनरेखा माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर करीब 35 दिनों बाद रविवार दोपहर से वाहनों की आवाजाही फिर शुरू हो गई है। पुल के एक हिस्से के क्षतिग्रस्त होने के कारण 3 मई की मध्यरात्रि से यातायात पूरी तरह बंद था। अब मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। मालूम हो कि 3 मई को सेतु के पोल संख्या 133 के पास स्थित एक बड़े स्लैब का स्ट्रक्चर सपोर्ट टूट गया था, जिससे लगभग 34 मीटर लंबा हिस्सा गंगा नदी में गिर गया। इस घटना के बाद भागलपुर जिला मुख्यालय और नवगछिया अनुमंडल के बीच सीधा संपर्क टूट गया था। इसके कारण कोसी-सीमांचल और पूर्वी बिहार के लाखों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यातायात बाधित होने के बाद प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नाव और स्टीमर सेवाएं शुरू करवाई थीं। बाद में सरकार ने यात्रियों के लिए इन सेवाओं को निशुल्क कर दिया और नाविकों व स्टीमर संचालकों को सरकारी निधि से भुगतान की व्यवस्था की गई। * बीआरओ ने रिकॉर्ड समय में तैयार किया बेली ब्रिज हादसे के बाद तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम लगाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर मरम्मत की जिम्मेदारी सीमा सड़क संगठन को सौंपी गई। बीआरओ ने क्षतिग्रस्त हिस्से पर रिकॉर्ड समय में बेली ब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया। अधिकारियों के अनुसार यह देश का पहला ऐसा मामला है, जहां मुख्य पुल के ऊपर ही बेली ब्रिज स्थापित किया गया है। साथ ही तीन अन्य कमजोर स्लैबों को अतिरिक्त लोहे के बेली ब्रिज के जरिए मजबूत किया गया है। * बस और भारी वाहनों पर रहेगा प्रतिबंध यातायात बहाल होने के बावजूद फिलहाल बसों और भारी वाहनों को पुल से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। अनुमति प्राप्त वाहन कार, जीप, बाइक, साइकिल, ऑटो, टोटो एवं अधिकतम 10 टन वजन वाली छोटी लोडेड गाड़ियां हैं। * ट्रैफिक नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था पुल की सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के लिए प्रशासन ने विशेष नियम लागू किए हैं। एक समय में केवल एक वाहन को बेली ब्रिज पार करने की अनुमति होगी। दोनों ओर 15-15 मिनट का वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू रहेगा। वाहनों की गति और भार पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। * सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सेतु के दोनों ओर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। रात में बेहतर दृश्यता के लिए वेपर लाइट्स की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा लोहे की जाली, बैरिकेडिंग और पुलिस पिकेट स्थापित किए गए हैं। ट्रैफिक की निगरानी के लिए एक नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि यातायात बहाली के बाद भी लगातार निगरानी जारी रहेगी। बरारी और जाह्नवी घाट पर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। * लोगों को मिली बड़ी राहत बहरहाल विक्रमशिला सेतु पर यातायात बहाल होने से भागलपुर, नवगछिया, कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि फिलहाल कुछ प्रतिबंध लागू रहेंगे, लेकिन क्षेत्रीय संपर्क और आवागमन में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। संतोष झा- ०७ जून/२०२६/ईएमएस