क्षेत्रीय
09-Jun-2026


मुंबई, (ईएमएस)। देश और दुनिया के करोड़ों गणेश भक्तों के लिए खुशखबरी है। महाराष्ट्र के सबसे प्रतिष्ठित और लोकप्रिय गणेशोत्सवों में से एक लालबाग के राजा के वर्ष 2026 के गणेशोत्सव की आधिकारिक शुरुआत मंगलवार, 9 जून को पारंपरिक पाद्य पूजन (पांव पूजन) समारोह के साथ हो गई। इस शुभ अवसर पर गणराय के चरणों का प्रतीकात्मक पूजन कर मूर्ति निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया। लालबाग के राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल के 93वें वर्ष के उत्सव के लिए आयोजित यह मंगल समारोह मुंबई के लालबाग राजा मार्ग स्थित हनुमान मंदिर में सुबह 5 बजे संपन्न हुआ। मंडल के अध्यक्ष बालासाहेब सुदाम कांबले ने विधि-विधान से पूजन कर गणेशोत्सव की तैयारियों का शुभारंभ किया। पाद्य पूजन समारोह के दौरान सुगंधित चाफा (चंपा) के फूलों पर भगवान गणेश के चरणों का प्रतीकात्मक स्वरूप तैयार किया गया। श्रद्धा और भक्ति से परिपूर्ण वातावरण में इन पवित्र चरणों का पूजन किया गया। भक्तों का मानना है कि इसी शुभ अनुष्ठान के साथ लालबाग के राजा की मूर्ति निर्माण प्रक्रिया का आरंभ होता है। इस अवसर पर मंडल के कोषाध्यक्ष मंगेश दत्ताराम दलवी के हाथों मंडल की रसीद पुस्तकों का भी पूजन किया गया। इसके बाद प्रसिद्ध मूर्तिकार कांबली बंधुओं ने लालबाग के राजा की मूर्ति बनाने का कार्य शुरू किया। - अब शुरू हुई गणेशोत्सव की तैयारियां मुहूर्त पूजन संपन्न होते ही गणेशोत्सव की तैयारियों ने औपचारिक रूप से गति पकड़ ली है। लालबाग के राजा की प्रतिमा हर वर्ष अपनी भव्यता, आकर्षक स्वरूप और धार्मिक महत्व के कारण देश-विदेश के भक्तों का ध्यान आकर्षित करती है। इसलिए मूर्ति निर्माण के शुभारंभ को गणेशोत्सव की सबसे महत्वपूर्ण शुरुआत माना जाता है। - 14 सितंबर से शुरू होगा भव्य गणेशोत्सव लालबाग के राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल के अनुसार, वर्ष 2026 का गणेशोत्सव 14 सितंबर 2026 (गणेश चतुर्थी) से शुरू होगा। वहीं 25 सितंबर 2026 (अनंत चतुर्दशी) को गणपति बप्पा के विसर्जन के साथ इस महाउत्सव का समापन होगा। 11 दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में मुंबई ही नहीं, बल्कि भारत और विदेशों से भी करोड़ों श्रद्धालु लालबाग के राजा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हर वर्ष यहां दर्शन के लिए कई किलोमीटर लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। - नवसाला पावणारा गणपती के रूप में प्रसिद्ध लालबाग के राजा को श्रद्धालु नवसाला पावणारा गणपती यानी मनोकामना पूर्ण करने वाले गणपति के रूप में मानते हैं। भक्तों का विश्वास है कि सच्चे मन से मांगी गई प्रार्थना यहां अवश्य पूरी होती है। यही कारण है कि हर साल लाखों लोग अपनी मनोकामनाएं लेकर बप्पा के दरबार में पहुंचते हैं और इच्छाएं पूरी होने पर पुनः धन्यवाद देने आते हैं। - भक्तों में बढ़ी उत्सुकता पाद्य पूजन समारोह के बाद गणेश भक्तों में उत्साह का माहौल है। भक्तों का कहना है कि चाफा के फूलों पर अंकित गणराय के मंगल चरणों ने इस वर्ष के गणेशोत्सव की भक्तिमय शुरुआत कर दी है। अब सभी को लालबाग के राजा के भव्य आगमन और दर्शन का बेसब्री से इंतजार है। संजय/संतोष झा- ०९ जून/२०२६/ईएमएस