राज्य
09-Jun-2026
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गुंजन गीत माला में हुए मनभावन गीत जबलपुर, (ईएमएस)। गुंजन कला सदन की युवा इकाई द्वारा दत्त मंदिर प्रेक्षागृह में संध्या जैन के संयोजन में गुंजन गीत माला की 13 वीं कड़ी में एक से बढ़कर एक पुराने मधुर गीत प्रस्तुत किए गए । कार्यक्रम का शुभारंभ लायन नरेंद्र जैन, प्रतुल श्रीवास्तव, राजेश पाठक प्रवीण, हिमांशु तिवारी, विक्रम परवार, बलविंदर मान सहित उपस्थित गायक - गायिकाओं ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया । कार्यक्रम में रैना बीत जाए, रुके रुके से कदम, तुझ संग प्रीत लगाई सजना, बीते हुए लम्हों, दिल कहे रुक जा रे रुक जा, गैरों पे कर्म, तारों में सजके, मैं पल दो पल का, लुटे कोई मन का नगर, जाने न नजर पहचाने जिगर, तुम्हारा चाहने वाला, जानेमन जानेमन तेरे दो नयन, जो बात तुझ में है, महबूब मेरे महबूब मेरे, मेरा प्यार भी तू है, अच्छा जी मैं हारी, जब दीप जले आना, आजा सनम मधुर चांदनी, रिमझिम गिरे सावन, अपनी आंखों में बसा कर, चंदन सा बदन जैसे पुराने गीतों ने श्रोताओं को झूमने और तालियान बजाने पर मजबूर कर दिया तालिया। गायक कलाकारों में नंदकुमार जैन, रवि श्रीवास्तव, रवि शुक्ला, आलोक अविद्रा, रीतेश चंदेल, तृप्ति निगम, प्रीति मंडल, महेंद्र सिंह, विजय बेन, किशोर ताम्हने, जितेंद्र बावने, डॉ. अनिल बाजपेयी, माया पांडे, प्रीति मिश्रा, जूली, के के उपाध्याय, मधुर अशोक आहूजा, गंगा बावरिया, राजा, थॉमस, मृदुला, पुरुषोत्तम शर्मा उल्लेखनीय रहे । शिल्पा ताम्हने ने मंच संचालन, आभार प्रदर्शन संध्या जैन ने किया । सुनील साहू / मोनिका / 09 जून 2026/ 01.48