राष्ट्रीय
11-Jun-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत और बढ़ते मानसिक तनाव को कम करने में योग के त्रिकोनासन को प्रभावी माध्यम माना जा रहा है। आयुष मंत्रालय ने त्रिकोणासन के महत्व और इसके स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डाला है। योगाचार्यों के अनुसार त्रिकोनासन एक सरल लेकिन बेहद प्रभावशाली योगासन है, जो शरीर को लचीला, संतुलित और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आयुष मंत्रालय ने बताया कि त्रिकोणासन का नाम शरीर द्वारा बनने वाली त्रिभुजाकार मुद्रा के कारण पड़ा है। इस आसन को करते समय हाथ, पैर और धड़ मिलकर त्रिकोण जैसी आकृति बनाते हैं। नियमित अभ्यास से शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव आता है, संतुलन बेहतर होता है और श्वसन क्षमता में भी सुधार देखने को मिलता है। विशेष रूप से लंबे समय तक डेस्क पर बैठकर काम करने वाले लोगों के लिए यह आसन काफी लाभकारी माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार त्रिकोणासन शरीर के विभिन्न अंगों के बीच समन्वय बढ़ाने में मदद करता है। इससे शरीर में स्थिरता आती है, संतुलन बनाए रखने की क्षमता मजबूत होती है और मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। नियमित अभ्यास से शरीर अधिक लचीला बनता है, जिससे दैनिक गतिविधियों को करना आसान हो जाता है। इसके अलावा शरीर को मोड़ने और खिंचाव देने की प्रक्रिया पेट के अंगों को सक्रिय करती है, जिससे पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है। गैस, अपच और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए भी यह आसन लाभकारी माना जाता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार त्रिकोणासन मानसिक एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायक है। इसका नियमित अभ्यास व्यक्ति को मानसिक रूप से अधिक केंद्रित बनाता है, जिससे कार्यक्षमता और ध्यान में सुधार होता है। इस आसन को करने के लिए दोनों पैरों को लगभग तीन से चार फीट की दूरी पर फैलाकर खड़ा होना चाहिए। इसके बाद एक पैर को बाहर और दूसरे को थोड़ा अंदर की ओर मोड़ते हुए दोनों हाथों को कंधों की सीध में फैलाया जाता है। धीरे-धीरे एक ओर झुककर संबंधित पैर या टखने को छूने का प्रयास किया जाता है, जबकि दूसरा हाथ ऊपर की ओर सीधा रखा जाता है। कुछ सेकंड तक इसी स्थिति में रहने के बाद सामान्य अवस्था में लौटकर दूसरी ओर यही प्रक्रिया दोहराई जाती है। हालांकि मंत्रालय ने सलाह दी है कि स्लिप डिस्क, गंभीर साइटिका दर्द या हाल ही में पेट की सर्जरी कराने वाले लोगों को त्रिकोणासन का अभ्यास विशेषज्ञ की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए। सुदामा/ईएमएस 11 जून 2026