- जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष का संकल्प बिलासपुर (ईएमएस)। भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस के अवसर पर मूल निवासी संघ छत्तीसगढ़ की जिला इकाई द्वारा 9 जून को बिरसा मुंडा चौक, उसलापुर में माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद आदिवासी भवन उसलापुर में जनजागरण विचार गोष्ठी आयोजित कर जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए सरकार और पूंजीपतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सीबीआई जज प्रभाकर ग्वाल थे, जबकि अध्यक्षता मूल निवासी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत पटेल ने की। विशिष्ट अतिथियों में प्रदेश उपाध्यक्ष श्याम मूरत कौशिक, जॉर्ज थॉमस, बौद्ध महासभा के प्रदेश अध्यक्ष दशरथ प्रसाद अहिरवार, प्रदेश महासचिव सज्जी जॉन, आदिवासी समाज के अध्यक्ष जगदीश ध्रुव, सामाजिक कार्यकर्ता उत्तम नेताम, डॉ. संतोष साहू, सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष परते, धर्मेंद्र पोर्ते और एल.के. नामदेव उपस्थित रहे। निजीकरण, महंगाई और सामाजिक असमानता पर जताई चिंता वक्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के संघर्षों को याद करते हुए उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए उलगुलान का आगाज करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए मूल निवासियों को संगठित होकर संघर्ष करना होगा।वक्ताओं ने कहा कि सरकारी स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण से आम लोगों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। शिक्षा, रोजगार, महंगाई, गरीबी और महिलाओं व बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों जैसे मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की गई। उन्होंने युवाओं को संविधान और भगवान बिरसा मुंडा के विचारों से जोडऩे तथा गांव-गांव तक जनजागरण अभियान चलाने पर जोर दिया। डॉ. रघु साहू बने मूल निवासी संघ बिलासपुर के जिलाध्यक्ष कार्यक्रम के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रघु साहू को मूल निवासी संघ जिला बिलासपुर का जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया। उन्हें संगठन के विस्तार और समाज के विभिन्न वर्गों को जोडऩे की जिम्मेदारी सौंपी गई। बड़ी संख्या में समाज के लोग रहे मौजूद इस अवसर पर बी.के. पासवान, अंबिका कौशिक, दुर्ग जिलाध्यक्ष जय साहू, कवर्धा जिलाध्यक्ष जे. अजीत कुमार, आर.के. बांधले, राजेंद्र कौशिक, उत्तरा सक्सेना, अजय राय, टिकेश कुमार, जंतु मरकाम, गनपत लाल, मुंगेली जिलाध्यक्ष राजेंद्र डहरिया, पार्षद प्रतिनिधि राजेश टंडन सहित बड़ी संख्या में मूल निवासी समाज के लोग उपस्थित रहे। - 11 जून 2026