कानपुर से दिल्ली आ रही शताब्दी एक्सप्रेस पर पत्थर कांच टूटे नई दिल्ली,(ईएमएस)। उत्तर प्रदेश से देश की राजधानी दिल्ली आ रही शताब्दी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12003) में उस समय अचानक अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया, जब कुछ अज्ञात तत्वों द्वारा ट्रेन पर पथराव कर दिया गया। यह हैरान कर देने वाली घटना यूपी के फिरोजाबाद जिले के आउटर इलाके में घटित हुई, जहां तेज रफ्तार से गुजर रही शताब्दी एक्सप्रेस को निशाना बनाकर पत्थर फेंके गए। इस पथराव के कारण ट्रेन की खिड़की का शीशा चकनाचूर हो गया। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के कान इसलिए खड़े कर दिए क्योंकि जिस वक्त यह हमला हुआ, उस समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत उसी प्रभावित कोच में मौजूद थे। संघ प्रमुख कानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद इसी लखनऊ-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस से वापस दिल्ली लौट रहे थे। यह पूरी घटना गुरुवार की रात करीब 7.20 से 8 बजे के बीच की बताई जा रही है। जब ट्रेन फिरोजाबाद जिले से गुजरते हुए मक्खनपुर स्टेशन को बिना रुके पार कर चुकी थी, तभी अचानक एक बड़ा पत्थर ट्रेन के ई-1 कोच की खिड़की से आकर टकराया। पत्थर इतनी तेजी से लगा कि खिड़की का शीशा टूट गया और अंदर बैठे सहमे यात्रियों में चिंता व सुरक्षा को लेकर खौफ फैल गया। चूंकि इसी विशेष कोच में संघ प्रमुख मोहन भागवत भी यात्रा कर रहे थे, इसलिए शुरुआती तौर पर यह आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं ट्रेन को जानबूझकर तो निशाना नहीं बनाया गया था। गनीमत यह रही कि इस अचानक हुए पथराव में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत ट्रेन में सवार सभी अन्य यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे और किसी को भी किसी तरह की चोट नहीं आई। घटना की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन और सुरक्षा बल तुरंत हरकत में आ गए। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के टुंडला जंक्शन पर जैसे ही ट्रेन रुकी, सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के इंस्पेक्टर शेर सिंह समेत अन्य रेलवे विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भारी सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों और सुरक्षा जांच टीमों ने तुरंत प्रभावित कोच ई-1 का बारीकी से निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया। सुरक्षा के लिहाज से सभी जरूरी जांच और औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद शताब्दी एक्सप्रेस को आगे की यात्रा के लिए हरी झंडी दिखाई गई। इसके बाद ट्रेन बिना किसी अन्य बाधा के दिल्ली की ओर रवाना हुई और रात करीब 10.13 बजे राष्ट्रीय राजधानी पहुंच गई। फिलहाल रेलवे पुलिस और स्थानीय खुफिया विभाग इस बात की गहनता से जांच कर रहे हैं कि आखिर यह पत्थर किसने और किस मकसद से फेंका था। घटनास्थल के आसपास के क्षेत्रों से सबूत जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरी जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही इस घटना के पीछे की असली वजह साफ हो पाएगी। वीरेंद्र/ईएमएस/12जून2026