नई दिल्ली (ईएमएस)। ब्राजील को 1970 फीफा विश्व कप जिताने वाली ऐतिहासिक टीम के सदस्य और दिग्गज डिफेंडर ब्रिटो का 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। ब्राजीलियाई फुटबॉल परिसंघ ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि वह निमोनिया से पीड़ित थे और पिछले एक सप्ताह से अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन से ब्राजील सहित दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों में शोक की लहर है। ब्रिटो को ब्राजील के सर्वश्रेष्ठ रक्षात्मक खिलाड़ियों में गिना जाता है। उन्होंने 1964 में ब्राजील की राष्ट्रीय टीम के लिए पदार्पण किया था और करीब आठ वर्षों तक देश का प्रतिनिधित्व किया। अपनी शारीरिक मजबूती, शानदार खेल और आक्रामक रक्षात्मक शैली के कारण वह टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रहे। 1970 में मेक्सिको में आयोजित फीफा विश्व कप में उन्होंने ब्राजील की सफलता में अहम भूमिका निभाई थी। उस टूर्नामेंट में उन्होंने टीम के सभी मैच खेले और एक भी मिनट मैदान से बाहर नहीं रहे। ब्रिटो ने डिफेंस में विल्सन पियाजा के साथ मजबूत जोड़ी बनाई थी। जहां पियाजा अपनी तकनीकी क्षमता के लिए प्रसिद्ध थे, वहीं ब्रिटो अपनी ताकत और संघर्षशील खेल के लिए जाने जाते थे। उनकी शारीरिक क्षमता के कारण उन्हें हरक्यूलिस के नाम से भी पहचान मिली। उस विश्व कप विजेता टीम में महान फुटबॉलर पेले भी शामिल थे, जिसे आज भी फुटबॉल इतिहास की सबसे बेहतरीन टीमों में गिना जाता है। ब्राजीलियाई फुटबॉल परिसंघ के अध्यक्ष समीर जौद ने ब्रिटो के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वह ब्राजील फुटबॉल इतिहास के सबसे महान डिफेंडरों में से एक थे और उनकी विरासत हमेशा याद रखी जाएगी। 9 अगस्त 1939 को रियो डी जेनेरियो में जन्मे ब्रिटो ने अपने क्लब करियर की शुरुआत वास्को द गामा से की थी। इसके बाद उन्होंने फ्लैमेंगो, क्रूजेरो, इंटरनेशनल, कोरिंथियंस, बोटाफोगो और एथलेटिको परानाएंस जैसे प्रमुख क्लबों का प्रतिनिधित्व किया। राष्ट्रीय टीम के लिए उन्होंने 61 मैच खेले और ब्राजील को कई महत्वपूर्ण खिताब दिलाने में योगदान दिया। डेविड/ईएमएस 12 जून 2026