राष्ट्रीय
12-Jun-2026
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-जीतू पटवारी सहित कई नेता हिरासत में नई दिल्ली,(ईएमएस)। मध्य प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और विधायकों ने शुक्रवार को दिल्ली में सत्याग्रह विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राज्यसभा के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के विरोध में किया गया था, इस नामाकंन रदद होने को कांग्रेस ने लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया है। जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के प्रयास में दिल्ली पुलिस ने कई प्रमुख नेताओं और विधायकों को हिरासत में ले लिया। मध्यप्रदेश में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार के नेतृत्व में मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायक दल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने दिल्ली पहुंचा था, लेकिन उन्हें मिलने की अनुमति नहीं मिली, जिस पर नेताओं ने कड़ी नाराज़गी जाहिर की है। विरोध प्रदर्शन को देखकर जंतर-मंतर पर भारी संख्या में दिल्ली पुलिस बल तैनात किया गया था और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेड्स लगे थे। कांग्रेस नेता राष्ट्रपति भवन तक मार्च करने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने उनके प्रयास को विफल कर कई नेताओं को रास्ते में ही हिरासत में ले लिया। इस दौरान, जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की पुलिस के साथ तीखी बहस हुई, जब उन्हें हिरासत में लेने का प्रयास किया गया। आखिरकार, पुलिस ने उन्हें खींचकर बस में डाला और हिरासत में ले लिया। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद से ही कांग्रेस नेताओं में गहरा आक्रोश है और वे लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष के नेता सिंघार ने सत्याग्रह प्रदर्शन के दौरान कहा कि राष्ट्रपति किसी पार्टी की नहीं, बल्कि देश की हैं, और जिस तरह से यह कदम उठाया गया है, उससे साफ है कि वह भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राष्ट्रपति लोकतंत्र को बचाना नहीं चाहतीं? कांग्रेस का यह प्रदर्शन राजनीतिक तनाव को दर्शाता है और नेताओं ने अपने विरोध को जारी रखने की बात कही है। आशीष दुबे / 12 जून 2026