अंतर्राष्ट्रीय
12-Jun-2026


अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त! -ईरान बोला-डील को सर्वोच्च स्तर की मंजूरी मिल चुकी है, अभी हमने कोई फैसला नहीं लिया -ईरान ने कहा- अमेरिका से डील अभी फाइनल नहीं, होर्मुज पर कंट्रोल नहीं छोड़ेंगे तेहरान/वाशिंगटन (ईएमएस)। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ युद्ध खत्म कर दिया है। हालांकि ईरान ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है और कहा है कि अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। राष्ट्रपति ट्रंप ने जॉर्जिया में एक चुनावी रैली को वर्चुअल तरीके से संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध बंद कर दिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान इस बात पर सहमत हो गया है कि वह कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। सोशल मीडिया पर किए गए अपने पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत ईरानी नेतृत्व के सर्वोच्च स्तर तक पहुंच चुकी है और उसे मंजूरी मिल गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के तौर पर उन्होंने ईरान के खिलाफ तय हमले और बमबारी को रद्द कर दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक, बातचीत के प्रमुख बिंदुओं को अमेरिका, इजरायल, सऊदी अरब, यूएई, कतर, तुर्की, पाकिस्तान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, मिस्र और अन्य संबंधित पक्षों ने मंजूरी दे दी है। उन्होंने यह भी कहा कि समझौता पूरी तरह तय होने तक नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी और हस्ताक्षर की जगह और समय की घोषणा जल्द की जाएगी। इस बीच कई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ट्रंप के इस ऐलान से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी हैरान रह गए। रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप ने युद्ध बंद करने के फैसले की जानकारी पहले से इजरायल को नहीं दी थी। कहा जा रहा है कि अगर यह डील लागू होती है तो इजरायल को लेबनान में अपने सैन्य अभियान पर असर पड़ सकता है। एक और महत्वपूर्ण दावा यह है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमले को केवल तीन घंटे पहले रोक दिया। इससे पहले उन्होंने ईरान के खार्ग द्वीप पर हमला करने और वहां कब्जा करने की धमकी दी थी। इसी वजह से राष्ट्रपति ट्रंप के अचानक किए गए ऐलान ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ईरान का रुख अभी भी सावधानी भरा हालांकि ईरान का रुख अभी भी सावधानी भरा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि डील को सर्वोच्च स्तर की मंजूरी मिल चुकी है। बघाई ने कहा कि ईरान में फैसले लेने की प्रक्रिया स्पष्ट और संस्थागत है। सभी संबंधित अधिकारी बातचीत करेंगे और मंजूरी मिलने के बाद ही किसी समझौते की घोषणा की जाएगी। ईरान की ओर से ट्रंप के दावे खारिज होने से एक फिर से सवाल उठने लगे हैं कि क्या ट्रंप का दावा एक फिर से झूठा है। क्योंकि इससे पहले वो 39 बार दावा कर चुके हैं ईरान के साथ शांति की बात तेजी से चल रही है या युद्ध खत्म होने जा रहा है या जल्द ही सीजफायर होगी। लेकिन, हकीकत ये है कि जंग 28 फरवरी से जारी है और इसका असर पूरी दुनिया पर देखने को मिल रहा है। दूसरी तरफ अमेरिका संभावित समझौते की तैयारियां शुरू कर चुका है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना के चार सी-17 ग्लोबमास्टर विमान यूरोप भेजे गए हैं। इनमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के लिए गाडिय़ां भी भेजी गई हैं। दावा किया जा रहा है कि अमेरिका की तरफ से जेडी वेंस ही समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। कुछ रिपोर्टों में जिनेवा को संभावित स्थान बताया गया है। अमेरिकी सेना ईरान पर हमले शुरू करने से केवल तीन घंटे दूर थी, लेकिन ट्रंप ने अंतिम समय में ऑपरेशन रोक दिया। रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिकी सेना अपने लक्ष्य तय कर चुकी थी और नौसेना भी हमले की तैयारी पूरी कर चुकी थी। राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया ऐलान के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वास्तव में अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने जा रहा है या फिर यह ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति है। इसका जवाब अगले कुछ दिनों में सामने आ सकता है। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि संभावित अमेरिका-ईरान समझौते का असर लेबनान पर भी पड़ सकता है। कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, डील की संभावित शर्तों में इजरायल को लेबनान में अपने सैन्य अभियान को रोकना और कुछ क्षेत्रों से पीछे हटना शामिल हो सकता है। हालांकि इन दावों पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईरानी हमले में अमेरिका को काफी नुकसान इसी बीच खाड़ी क्षेत्र से भी कई दावे सामने आए हैं। सोशल मीडिया और कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में अमेरिकी सैन्य विमानों और हेलिकॉप्टरों को हुए नुकसान का उल्लेख किया गया है। दावा किया जा रहा है कि इस संघर्ष में कई अमेरिकी विमान या तो नष्ट हुए हैं या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने बहरीन में अमेरिका के एक लंबी दूरी के रडार सिस्टम को निशाना बनाया है। ईरान से जुड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स पर कथित सैटेलाइट तस्वीरें और हमले के दृश्य साझा किए गए हैं। हालांकि अमेरिका और बहरीन की ओर से इन दावों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते पर टिकी हुई है। ट्रंप युद्ध खत्म होने का दावा कर रहे हैं, जबकि ईरान कह रहा है कि अंतिम फैसला अभी बाकी है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या दोनों देशों के बीच वास्तव में कोई समझौता हो पाता है। ईरान का दावा- होर्मुज स्ट्रेट पर हमारा फुल कंट्रोल अमेरिका के साथ बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट पर उसका फुल कंट्रोल है। ईरानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी एडमिरल हबीबोल्लाह सय्यारी ने कहा कि इस समुद्री मार्ग से कोई भी जहाज ईरान की अनुमति के बिना नहीं गुजर सकता। सय्यारी ने अमेरिका के उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि हालिया हमलों में ईरानी नौसेना को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि ईरान आज भी क्षेत्र में प्रभावी सैन्य क्षमता रखता है। ट्रम्प के ईरान पर हमले न करने के फैसले से नेतन्याहू हैरान राष्ट्रपति ट्रम्प के ईरान पर हमले को रोक देने के फैसले की जानकारी इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को पहले से नहीं दी गई थी। एक्सिओस की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प के सार्वजनिक बयान से पहले नेतन्याहू को कोई चेतावनी नहीं मिली और वह इस घोषणा से हैरान रह गए। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नेतन्याहू और इजराइली अधिकारी लगातार अमेरिका से ईरान पर सैन्य दबाव बनाए रखने की मांग कर रहे थे। उनका मानना था कि तेहरान बातचीत का इस्तेमाल समय हासिल करने के लिए कर रहा है। विनोद उपाध्याय / 12 जून, 2026