राष्ट्रीय
13-Jun-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। भद्रासन एक ऐसा योगासन है, जो शरीर और मन दोनों को दृढ़ता प्रदान करता है तथा कई स्वास्थ्य लाभ देने में सहायक माना जाता है। यह कहना है आयुष मंत्रालय का। मंत्रालय ने लोगों को योग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर भद्रासन के लाभों के बारे में जानकारी दी है। मंत्रालय ने अपनी पोस्ट में कहा, क्या आप जानते हैं कि भद्रासन आपके तन और मन दोनों को दृढ़ता प्रदान करता है? यह एक ऐसा योगासन है जो घुटनों और कूल्हों को मजबूत बनाने के साथ-साथ पेट का तनाव भी कम करता है और महिलाओं के स्वास्थ्य व गर्भावस्था में विशेष लाभकारी है। आइए इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें, लेकिन ध्यान रखें कि गठिया और साइटिका के मरीज इसका अभ्यास करने से बचें। पोस्ट के साथ साझा किए गए वीडियो संदेश में बताया गया कि भद्रासन को अंग्रेजी में द ऑस्पिशियस पोज भी कहा जाता है। यह आसन शरीर और मन दोनों को स्थिरता और मजबूती प्रदान करता है। नियमित अभ्यास से घुटनों और कूल्हों की हड्डियां मजबूत होती हैं तथा घुटनों के दर्द में भी राहत मिल सकती है। वीडियो में यह भी बताया गया कि भद्रासन पेट में किसी भी प्रकार के तनाव को दूर करने में सहायक है। महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान होने वाले पेट दर्द और अन्य असुविधाओं से राहत दिलाने में भी यह लाभकारी माना जाता है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं के लिए भी यह आसन उपयोगी बताया गया है। इससे पहले, एक अन्य पोस्ट में आयुष मंत्रालय ने योग के महत्व और ताड़ासन के लाभों के बारे में जानकारी दी। मंत्रालय ने पोस्ट में कहा, योग का मतलब मुश्किल आसन करना नहीं है। यह आसान और सहज गतिविधियों के बारे में है जो हमारे शरीर को लचीला बनाए रखती हैं। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, इन योगासनों को हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा होना चाहिए। ताड़ासन या माउंटेन पोज़ योग के सबसे ज़रूरी शुरुआती आसनों में से एक है। यह पूरे शरीर को हल्का खिंचाव देता है और शरीर के पोस्चर (मुद्रा) को बेहतर बनाता है। हालांकि, आयुष मंत्रालय ने सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। मंत्रालय के अनुसार, एक्यूट आर्थराइटिस यानि गथिया और साइटिका से पीड़ित लोगों को भद्रासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए। सुदामा/ईएमएस 13 जून 2026