राज्य
29-Aug-2025
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दुर्ग(ईएमएस)। जिले के नंदिनी थाना पुलिस ने भुइंया सॉफ्टवेयर हैकिंग और जमीन के फर्जी बंटवारे से जुड़े बड़े घोटाले का खुलासा किया है। पुलिस ने जांच के बाद भिलाई सेक्टर-05 निवासी नंद किशोर साहू को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय स्टेट बैंक, नंदिनी शाखा से 36 लाख रुपये का लोन लेकर रकम अपनी निजी कंपनी भिलाई–दुर्ग फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी में निवेश कर दी। मामला ग्राम अछोटी और मुरमुंदा (पटवारी हल्का नंबर 16) का है। यहां आरोपी दिनू राम यादव और एस. राम बंजारे ने षड्यंत्र रचकर मूल खसरा नंबरों में छेड़छाड़ की और बैंक को झूठे दस्तावेज पेश किए। जांच में सामने आया कि लोन की रकम का बड़ा हिस्सा नंद किशोर साहू के खाते में गया, जिसे पुलिस ने 27 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस मामले में धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 3(5) बीएनएस और 66(सी) आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में और भी खुलासे हो सकते हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुरमुंदा, अछोटी, चेटुवा और बोरसी गांवों की करीब 765 एकड़ जमीन के रिकॉर्ड में हेराफेरी की गई है। इनमें आधी जमीन शासकीय और आधी निजी है। आरोप है कि फर्जी बंटवारे से 52 बोगस खसरा नंबर बनाकर करोड़ों की शासकीय जमीनें अलग-अलग व्यक्तियों के नाम दर्ज कर दी गईं। इन जमीनों की वर्तमान बाजार कीमत लगभग 500 करोड़ रुपये आंकी गई है। जांच में यह भी पता चला है कि फर्जीवाड़े के तार रायपुर, कोरबा समेत अन्य जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं। जमीन रिकॉर्ड से छेड़छाड़ पाटन के पटवारी मनोज नायक और अहिवारा के पटवारी कृष्ण कुमार सिन्हा की आईडी से की गई थी। दोनों को निलंबित कर दिया गया है। भुइंया सॉफ्टवेयर हैकिंग मामले में नंदिनी, कुम्हारी और अमलेश्वर थानों में एफआईआर दर्ज हुई है। फिलहाल कार्रवाई नंदिनी थाना पुलिस ने की है। पूरा मामला तब खुला, जब एक व्यक्ति ने इन्हीं फर्जी खसरा नंबरों के आधार पर एचडीएफसी बैंक से लोन लेने की कोशिश की और दस्तावेजों की जांच में गड़बड़ी सामने आई। सत्यप्रकाश(ईएमएस)29 अगस्त 2025