- मीशो, एक्वस और विद्या वायर्स के निर्गम से यह साल आईपीओ के लिए रिकॉर्ड वर्ष बन सकता है नई दिल्ली (ईएमएस)। देश का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) बाजार इस साल नए रिकॉर्ड की ओर अग्रसर है। विशेषज्ञों के अनुसार मीशो, एक्वस और विद्या वायर्स के निर्गम पूरे होने के बाद आईपीओ के माध्यम से जुटाई गई कुल पूंजी 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी। यह पिछले साल के 1.59 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड को पार कर देगा। इस साल अब तक 93 कंपनियों के आईपीओ आए हैं, जो 2007 के बाद सबसे अधिक संख्या है। मीशो 5,421 करोड़ रुपये, एक्वस 922 करोड़ रुपये और विद्या वायर्स 300 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखती हैं। साल की शुरुआत में सेकंडरी बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण आईपीओ गतिविधि धीमी रही। मार्च में कोई नया आईपीओ नहीं आया, जबकि अप्रैल में केवल एक ही निर्गम हुआ। मई से बाजार में सुधार हुआ और जुलाई के बाद हर महीने 10 या उससे अधिक आईपीओ आए। विशेष रूप से, सितंबर में 24 से अधिक कंपनियों का सूचीबद्ध होना जनवरी 1997 के बाद किसी एक महीने में सबसे अधिक था। इक्विरस कैपिटल के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इस तेजी का मुख्य कारण नए बिजनेस मॉडल वाली कंपनियों का बाजार में प्रवेश है। संस्थागत निवेशक अपने पोर्टफोलियो को नए क्षेत्रों के अनुसार अपडेट करना चाहते हैं और आईपीओ में उन्हें बड़ा हिस्सा मिलता है, जबकि सेकंडरी बाजार में यह मुश्किल होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि उचित मूल्य निर्धारण और विविध कारोबारी मॉडल वाली कंपनियों की उपस्थिति ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया। इस साल के आईपीओ से स्पष्ट होता है कि भारतीय शेयर बाजार में नए उद्योग और नवाचार आधारित कंपनियों का दबदबा बढ़ रहा है जो लंबी अवधि में बाजार को और मजबूत बनाएगा। सतीश मोरे/29नवंबर