तेहरान (ईएमएस)। ईरान की फुटबॉल फेडरेशन ने घोषणा की है कि वह 5 दिसंबर को वॉशिंगटन डीसी में आयोजित होने वाले फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल ड्रॉ का बहिष्कार करेगी। इसका कारण अमेरिका द्वारा ईरान प्रतिनिधिमंडल के कई प्रमुख सदस्यों को वीजा देने से इनकार करना बताया गया है। फेडरेशन के प्रवक्ता आमिर मेहदी अलावी ने मीडिया को बताया कि यह निर्णय आंतरिक चर्चा, खेल एवं युवा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय की सलाह के बाद लिया गया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कदम खेल भावना के खिलाफ है और उन्होंने इस मामले की जानकारी फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो और अन्य अधिकारियों को भी दी है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अलावी ने बताया कि फीफा ने इस मामले को गंभीरता से लेने का वादा किया है। वीजा न मिलने के कारण फेडरेशन के अध्यक्ष और कई उच्च पदस्थ अधिकारियों पर इसका असर पड़ा है। हालांकि पुरुष टीम के हेड कोच आमिर घालेनोई और तीन अन्य सदस्यों को वीजा मिल गया है। फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत 11 जून से होगी और यह 19 जुलाई तक चलेगा। इस टूर्नामेंट में कुल 48 टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें चार-चार की 12 ग्रुप में बांटा जाएगा। ग्रुप स्टेज के बाद प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीमें और आठ सबसे ऊंची रैंक वाली तीसरे स्थान की टीमें नॉकआउट राउंड में प्रवेश करेंगी, जिससे एक बड़ा और प्रतिस्पर्धी एलिमिनेशन फेज बनेगा। इस बार विश्व कप का आयोजन संयुक्त रूप से अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में होगा, जो पहली बार है कि यह टूर्नामेंट तीन देशों में खेला जाएगा। कुल 16 स्टेडियम चुने गए हैं, जिनमें से 11 अमेरिका, 3 मेक्सिको और 2 कनाडा में स्थित हैं। ईरान की टीम ने 2026 विश्व कप के लिए अपनी जगह पहले ही सुनिश्चित कर ली है। यह टीम लगातार चौथी बार विश्व कप में भाग लेगी और कुल सातवीं बार इसमें शामिल होगी। वीजा विवाद के बीच, ईरान का यह बहिष्कार फीफा और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल कम्युनिटी के लिए एक बड़ी राजनीतिक और खेल संबंधी चुनौती बन गया है। डेविड/ईएमएस 30 नवंबर 2025