राष्ट्रीय
30-Nov-2025
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नई दिल्ली (ईएमएस)। तापमान में गिरावट के बीच अस्पतालों में अर्थराइटिस और अन्य जोड़ों के दर्द के मामलों में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सामान्य दिनों की तुलना में इन दिनों अस्थि रोग विभाग की ओपीडी में मरीजों की संख्या दोगुनी पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर का तापमान कम होने से रक्त संचार धीमा पड़ जाता है। इसके कारण जोड़ों के आसपास की मांसपेशियां और ऊतक सख्त होने लगते हैं, जिससे अकड़न, सूजन और दर्द बढ़ जाता है। जिन लोगों को पहले से चोट लगी हो या पुरानी बीमारी हो, उनमें यह दर्द और भी ज्यादा उभर आता है। बुजुर्गों, गठिया रोगियों और पुराने फ्रैक्चर वाले मरीजों में यह समस्या सबसे अधिक देखने को मिल रही है। अस्पतालों में इन दिनों ऐसे मरीज बढ़ रहे हैं जो सुबह उठते ही जकड़न, सूजन और दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। कई मरीजों को तो सुबह बिस्तर से उठने में भी परेशानी होती है। कुछ देर हिलने-डुलने के बाद थोड़ी राहत मिलती है, लेकिन लंबे समय तक इसकी अनदेखी हालत को बिगाड़ सकती है। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव का सबसे अधिक प्रभाव जोड़ों पर पड़ता है, इसलिए इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बेहद जरूरी है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि ठंड से बचाव करने के लिए शरीर को गर्म रखना सबसे महत्वपूर्ण है। नियमित हल्का व्यायाम और स्ट्रेचिंग जोड़ों में लचीलापन बनाए रखने में मदद करते हैं। रात में गुनगुने पानी से सिकाई, हिटिंग पैड का उपयोग और पर्याप्त ऊनी कपड़े पहनना फायदेमंद है। आहार में कैल्शियम, विटामिन डी, ओमेगा-3 और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियां, बादाम, अखरोट, अलसी के बीज और मछली को शामिल करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने वालों को बीच-बीच में स्ट्रेचिंग करनी चाहिए। पानी की पर्याप्त मात्रा लेना भी जरूरी है, क्योंकि डिहाइड्रेशन जोड़ों के लुब्रिकेशन को कम कर दर्द बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में सबसे जरूरी है शरीर को ठंडी हवा से बचाए रखना। खासकर घुटनों, कंधों, कमर और कोहनियों को गर्म रखना चाहिए, क्योंकि ठंडी हवा सीधे लगने से सूजन और दर्द तेजी से बढ़ सकता है। बाहर निकलते समय नीकैप, गर्म मोजे और ऊनी कपड़ों का उपयोग जरूर करें। गठिया से ग्रसित लोगों को सीढ़ियां चढ़ने-उतरने से बचने और कमर दर्द वालों को भारी वजन न उठाने की हिदायत दी गई है। तला-भुना भोजन और अधिक कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ वजन बढ़ाकर दर्द को और गंभीर बना सकते हैं। सुदामा/ईएमएस 30 नवंबर 2025